बिहार के गया जिले से गुरुवार रात एक ऐसी खबर सामने आई जिसने पूरे इलाके की सांसें थाम दी थीं। फतेहपुर प्रखंड के रंगून नगर में महज 3 वर्षीय मासूम पीयूष कुमार खेलते-खेलते करीब 300 फीट गहरे खुले बोरवेल में गिर गया। हादसे की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, जबकि हजारों ग्रामीण घटनास्थल पर जुटकर बच्चे की सलामती की दुआ कर रहे थे।
करीब 7 घंटे तक चले हाई-वोल्टेज रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आखिरकार एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने पीयूष को सकुशल बाहर निकाल लिया। जैसे ही मासूम को सुरक्षित बाहर लाया गया, पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने राहत की सांस ली और मौके पर मौजूद टीमों के लिए तालियां बजाकर उनका हौसला बढ़ाया।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 6:28 बजे पीयूष कुमार घर के पास खेल रहा था। इसी दौरान वह नल-जल योजना के लिए खोदे गए खुले बोरवेल के पास पहुंच गया और अचानक उसमें गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई। देखते ही देखते पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव एजेंसियों की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।
रेस्क्यू अभियान आसान नहीं था। 300 फीट गहरे संकरे बोरवेल से मासूम को सुरक्षित निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने धैर्य, सूझबूझ और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए लगातार अभियान जारी रखा। करीब सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने पीयूष को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बाहर आते ही मौके पर मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं और “भारत माता की जय” तथा “एनडीआरएफ जिंदाबाद” के नारे भी लगाए।
रेस्क्यू के तुरंत बाद बच्चे को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) फतेहपुर ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसका मेडिकल चेकअप किया। शुरुआती जांच में बच्चा सुरक्षित बताया गया, हालांकि डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी रखा गया ताकि किसी भी प्रकार की आंतरिक समस्या का समय रहते पता लगाया जा सके।














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