बिहार में तेजी से बढ़ती शहरी आबादी और शहरों के विस्तार को देखते हुए राज्य सरकार ने नगर निकायों के पुनर्गठन की तैयारी शुरू कर दी है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने सभी जिलों से 30 अगस्त 2026 तक इस संबंध में प्रस्ताव मांगा है।
इन प्रस्तावों के आधार पर दो या उससे अधिक नगर निकायों के विलय, शहरों की सीमा विस्तार, नए नगर निकायों के गठन और नगर पंचायतों को नगर परिषद तथा नगर परिषदों को नगर निगम का दर्जा देने पर विचार किया जाएगा।
सरकार तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए जनगणना-2027 के बाद बड़े स्तर पर नगर निकायों के पुनर्गठन की योजना पर काम कर रही है। इससे पहले वर्ष 2025 में भी नगर विकास एवं आवास विभाग ने जिलों से प्रस्ताव मांगे थे, लेकिन जनगणना-2027 के कारण प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव पर रोक लगा दी गई थी। अब सरकार ने जनगणना प्रक्रिया पूरी होने तक जरूरी प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि आगे नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
नगर विकास एवं आवास विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश पत्र भेजकर प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। विभाग के अनुसार राज्य के कई शहर तेजी से फैल रहे हैं और कई जगह दो नगर निकायों की आबादी तथा आधारभूत संरचना एक-दूसरे से जुड़ चुकी है। ऐसे क्षेत्रों में दो या उससे अधिक नगर निकायों को मिलाकर एक नया नगर निकाय बनाने पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा शहरों से सटे ग्रामीण इलाकों को संबंधित नगर निकायों में शामिल कर सीमा विस्तार की योजना भी बनाई जाएगी।











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