मध्य प्रदेश के भोपाल में एसबीआई के कई एटीएम से लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गि:रोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। भोपाल और मुजफ्फरपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गि’रोह के मास्टरमाइंड अभिषेक कुमार को जिले के भगवानपुर स्थित किराये के मकान से गिरफ्तार किया गया। अभिषेक एक कैश लोडिंग एजेंसी में सीनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत था और मूल रूप से सारण जिले के खलपुरा का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, उसने अपने तकनीकी ज्ञान का गलत इस्तेमाल कर एटीएम से ठ’गी का पूरा नेटवर्क तैयार किया था।
जांच में सामने आया है कि अभिषेक ने छपरा और गया के युवकों को साथ लेकर एक संगठित गि’रोह बनाया था। इस गि’रोह में इंजीनियरिंग के छात्र भी शामिल थे। अब तक इस मामले में मास्टरमाइंड समेत सात आ’रोपियों को गि’रफ्तार किया जा चुका है। गिर फ्तार आरो पियों में छपरा और गया के कई युवक शामिल हैं।पुलिस के मुताबिक, भोपाल के शाहपुरा, अशोका गार्डन और कोलार क्षेत्र में 10 से 15 दिनों के भीतर एसबीआई के आठ एटीएम को निशाना बनाया गया। आरो’प है कि गि’रोह के सदस्य एटीएम के कैश डिस्पेंसिंग शटर से छेड़छाड़ कर मशीन से लाखों रुपये निकाल लेते थे। लगातार एक जैसी घट’नाएं सामने आने के बाद एटीएम की सुरक्षा संभाल रही एजेंसी के क्षेत्रीय प्रबंधक विवेक चौरसिया ने शाहपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई।
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सूचनाओं के आधार पर जांच शुरू की। सबसे पहले मो. शागिर्द और प्रिंस गुप्ता को हिरा’सत में लिया गया। उनकी निशानदेही पर सोनू उर्फ विपुल, साकेत खेतान, साहिल अली और आसिफ आलम को भी गिर’फ्तार किया गया।पूछताछ के दौरान मो. शागिर्द ने खुलासा किया कि पूरे नेटवर्क का संचालन अभिषेक कुमार कर रहा था, जो मुजफ्फरपुर में छिपा हुआ है। इसके बाद भोपाल पुलिस ने मुजफ्फरपुर सदर थाना पुलिस की मदद से भगवानपुर इलाके में छापेमारी कर अभिषेक को गिर’फ्तार कर लिया। पुलिस ने आरो’पियों के कब्जे से 50 हजार रुपये नकद और वा’रदात में इस्तेमाल की गई एक कार भी बरामद की है।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिर’फ्तार आरो’पी सोनू उर्फ विपुल भोपाल के एक बड़े कॉलेज में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग का छात्र है। पुलिस का कहना है कि गिरो’ह में तकनीकी जानकारी रखने वाले युवकों को शामिल कर एटीएम से ठ’गी की घट’नाओं को अंजाम दिया जा रहा था।पुलिस के अनुसार, अभिषेक ने सारण जिले के डोरीगंज इलाके में कथित तौर पर एक ट्रेनिंग सेंटर जैसा नेटवर्क तैयार कर रखा था, जहां नए युवकों को एटीएम मशीनों से छेड़छाड़, शटर टेंपरिंग और ठ’गी के तरीके सिखाए जाते थे। प्रशिक्षण के बाद उन्हें अलग-अलग राज्यों के बड़े शहरों में भेजा जाता था, जहां वे वा’रदात को अंजाम देते थे। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और इसके वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है।
मुजफ्फरपुर सदर थानाध्यक्ष नवलेश कुमार ने बताया कि गिर’फ्तार अभिषेक कुमार को ट्रांजिट रिमांड पर भोपाल पुलिस अपने साथ ले गई है। उन्होंने बताया कि अभिषेक एक निजी कंपनी में एटीएम इंजीनियर के रूप में कार्यरत था और मशीनों में तकनीकी खराबी आने पर उन्हें ठीक करने की जिम्मेदारी निभाता था।
















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