समस्तीपुर जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे एक कथित ठ’गी और नेटवर्किंग रै’केट का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने छापेमारी कर दर्जनों युवक-युवतियों को मुक्त कराया, जिन्हें विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये वसूले जाने का आ’रोप है। 
मिली जानकारी के अनुसार लीड विजन ट्रेडिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर संचालित इस नेटवर्किंग कंपनी में युवाओं को प्रखंड स्तर पर शिक्षा विभाग, कृषि विभाग सहित विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की वसूली की जा रही थी।

सोशल मीडिया पर इस बात की जानकारी तेजी से फैलने के बाद समस्तीपुर पुलिस सक्रिय हुई और देर रात मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के मूसापुर स्थित एक निजी किराए के मकान में छापेमारी की। इस दौरान दर्जनों युवक-युवतियों को वहां से मुक्त कराकर मुफस्सिल थाना लाया गया। बताया जाता है कि ये सभी कई दिनों से वहां रह रहे थे और कथित रूप से कंपनी के प्रभाव में थे।
सूत्रों के अनुसार, इस बड़े रैकेट का शिकार बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों के युवा हो चुके हैं। युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर समस्तीपुर बुलाया जाता था और ट्रेनिंग के नाम पर प्रत्येक अभ्यर्थी से 25 हजार रुपये लिए जाते थे।आ’रोप है कि पैसे लेने के बाद युवाओं को बताया जाता था कि नौकरी से पहले उन्हें नेटवर्किंग का प्रशिक्षण लेना होगा। इसके तहत उन्हें तेल, साबुन, फेस क्रीम सहित अन्य उत्पाद दिए जाते थे और 25 हजार रुपये का बिल भी थमा दिया जाता था, ताकि कंपनी की गतिविधियों पर संदेह ना हो।
कंपनी के प्रबंधन का दावा है कि वे एक वैध ट्रेडिंग कंपनी संचालित करते हैं और कर्मचारियों से लिए गए पैसे के बदले उत्पाद एवं बिल उपलब्ध कराए जाते हैं। हालांकि स्थानीय लोगों और पी’ड़ितों का आ’रोप है कि ट्रेडिंग कंपनी की आड़ में युवाओं को भ्रमित कर अवै’ध नेटवर्किंग और धन उगाही का खेल चलाया जा रहा था।










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