समस्तीपुर जिला मुख्यालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत इस बार वाहन स्वामियों के लिए बड़ी राहत लेकर आई. इतिहास में पहली बार ट्रैफिक चालान के मामलों को लोक अदालत में शामिल किया गया, जिससे लोगों को अपने लंबित जुर्माने से मुक्ति मिली.

इस विशेष अभियान के तहत परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने कुल 279 मामलों का सफल निष्पादन किया. सदर अनुमंडल कार्यालय में नौ अलग-अलग काउंटर बनाए गए थे, जहां चालान सत्यापन और भुगतान की सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई थी.


ट्रैफिक इंस्पेक्टर सुनीलकांत ने बताया कि जिन वाहन मालिकों के ट्रैफिक चालान पिछले 90 दिनों से लंबित थे, उन्हें लोक अदालत में विशेष रियायत दी गई. समझौते के तहत शमन राशि (जुर्माना) में 50 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की गई. इस पहल का उद्देश्य लोगों को कानूनी प्रक्रियाओं से राहत देना और राजस्व की वसूली करना था.



लोक अदालत में यह भी जानकारी दी गई कि किस नियम के उल्लंघन पर कितना जुर्माना देय है. लोक अदालत में जुर्माने की राशि बेहद कम रखी गई थी. तेज गति से वाहन चलाने के मामले में हल्के वाहनों से 1000 रुपये और भारी वाहनों से 2000 रुपये लेकर मामले का निपटारा किया गया. वहीं, बिना हेलमेट, सीट बेल्ट और ट्रिपल लोडिंग जैसे आम ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर मात्र 500 रुपये शमन राशि लेकर केस बंद किए गए.


यातायात पुलिस ने 134 मामलों का निपटारा कर 2 लाख 36 हजार 500 रुपये वसूले. वहीं, परिवहन विभाग (DTO) द्वारा 145 मामलों में रिकॉर्ड 11 लाख 16 हजार 40 रुपये की शमन राशि वसूल की गई. कुल मिलाकर जिले में 13 लाख 52 हजार रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ.




















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