निजी स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने साफ कहा है कि नियम के विरुद्ध फीस वसूलने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

प्रमंडल के सभी जिलों में निजी स्कूलों की फीस की जांच कराई गई, जिसमें 3110 स्कूलों में से 312 स्कूल ऐसे मिले, जिन्होंने पिछले वर्ष की तुलना में 7 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ोतरी की. प्रमंडलीय आयुक्त ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी स्कूलों को नोटिस जारी कर दिया गया है.


स्कूल प्रबंधन से कहा गया है कि वे अभिभावकों से वसूली गई अतिरिक्त फीस वापस करें, अन्यथा उनके खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में बने कानून के तहत निजी स्कूल सभी प्रकार के शुल्क मिलाकर अधिकतम 7 प्रतिशत तक ही फीस बढ़ा सकते हैं.



प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि स्कूलों को फीस से संबंधित पूरी जानकारी अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक करनी होगी.


जिन स्कूलों की वेबसाइट नहीं है, उन्हें नोटिस बोर्ड पर पुरानी और नई फीस की तुलना स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी. उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

















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