पूर्णिया पुलिस ने झारखंड के साहेबगंज जिले का कुख्यात साइबर ठग गिरोह पकड़कर बड़ा खुलासा किया है. गिरोह मोबाइल चोरी कर डिजिटल लॉक तोड़ता और यूपीआई के जरिए लाखों रुपये उड़ाता था. गिरफ्तार सात सदस्यों के पास से 84 चोरी के मोबाइल और फर्जी दस्तावेज बरामद हुए.

मोबाइल चोरी और डिजिटल फ्रॉड के मामलों में सक्रिय झारखंड के साहेबगंज जिले के तीन पहाड़ इलाके का गिरोह पूर्णिया पुलिस के हत्थे चढ़ गया. गिरोह के मुखिया राजेश महतो उर्फ छूमंतर को मोबाइल लॉक तोड़ने में महारथ हासिल है. उनके नेतृत्व में यह गिरोह अब तक देश के पचास से अधिक शहरों में एक लाख से ज्यादा मोबाइल चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है और यूपीआई के माध्यम से पैसे उड़ाता था.



पुलिस के अनुसार, यह गिरोह पिछले तीन महीने से पूर्णिया में सक्रिय था. 15 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा के दौरान और उसके बाद, पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर 17 सितंबर को सात सदस्यों को गिरफ्तार किया.


गिरफ्तार किए गए गिरोह के सदस्यों के पास से 84 चोरी के मोबाइल फोन बरामद हुए. इनमें से 29 मोबाइल पीएम की सभा स्थल से चुराए गए थे. बरामद मोबाइल की कीमत सभी 25 हजार रुपये से अधिक थी. इसके अलावा आठ सिम कार्ड और चार आधार कार्ड भी जब्त किए गए.


गिरोह के सदस्य दिनभर भीड़भाड़ वाले इलाकों में मोबाइल चोरी करते. चोरी किए गए मोबाइल का डिजिटल लॉक तुरंत तोड़ दिया जाता और उसके संबंधित यूपीआई अकाउंट से पैसे फर्जी खातों में ट्रांसफर कर लिए जाते. इसके बाद मोबाइल को नेपाल और बांग्लादेश के एजेंटों को बेच दिया जाता.



















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