देश के 52 शक्तिपीठों में मुंगेर का चंडिका स्थान भी शामिल है. नवरात्र में यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है. मान्यता है कि यहां देवी सती का नेत्र गिरा था. इसके बाद यहां मंदिर की स्थापना हुई थीश।



शक्तिपीठ में मां की बाईं आंख की पूजा की जाती है. मंदिर के पुजारी नंदन बाबा ने बताया कि कि यहां अंग प्रदेश के राजा कर्ण हर दिन सवा मन सोना दान करते थे. महाभारत काल में इसका वर्णन भी है।













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