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छठ महापर्व को लेकर सजने लगे पटना के घाट, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान

पटना: छठ महापर्व को लेकर राजधानी पटना में तैयारियां जोरों पर हैं। गंगा घाटों पर इस बार छठ महापर्व पर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने का अनुमान है। छठ घाट को तैयार करने में जुटे अधिकारियों का मानना है कि यह संख्या 9 लाख के आसपास हो सकती है। घाटों पर जुटने वाले लोगों की भीड़ को लेकर जिला प्रशासन के अधिकारी भी पूजा समितियों से फीडबैक ले रहे हैं।

Bihar News; Know the 24 dangerous ghats of Patna where life is in danger,  be careful in Chhath Puja | सुरक्षित घाटों पर कीजिए चैती छठ महापर्व की  उपासना, पटना शहर में

अभी तक अधिकारियों को 8 से 10 लाख के बीच लोगों के पहुंचने का अनुमान है। इसी के मद्देनजर तैयारियां भी की जा रही हैं। कलेक्ट्रेट, बांस घाट और महेन्द्रू घाट पर ही करीब एक लाख लोग पहुंच सकते हैं अधिकारियों के मुताबिक इस बार घाटों की स्थिति बेहतर है। दलदल कम है और घाट बड़े और दूर तक फैले हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने का अनुमान है।

पटना नगर निगम क्षेत्र में ही इस बार 102 घाटों पर छठ का आयोजन होगा। इसी के मद्देनजर तैयारी की जा रही है। पार्किंग से लेकर आनेजाने तक का व्यापक प्रबंध किया जा रहा है, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो। दूर-दराज से घाट पर आने वाले व्रतियों और उनके परिजनों को रात के वक्त गंगा घाट पर रहने की व्यवस्था भी की जा रही है। सभी छोटे-बड़े घाटों पर रात्रि शेड का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है। वहां पानी, शौचालय और चेंजिंग रूम की भी व्यवस्था होगी।छठ महापर्व के लिए गंगा घाटों की तैयारी अंतिम चरण में है। नगर निगम ने पटना के 102 गंगा घाटों को संवारने का काम शुरू कर दिया है। कलेक्ट्रेट, बांस घाट और महेन्द्रू घाट पर ही करीब एक लाख लोग पहुंच सकते हैं। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। घाटों पर सीसीटीवी, अस्थायी शौचायल, चेंजिंग रूम, वॉच टावर, बैरिकेडिंग का काम अंतिम चरण में है। वहीं नगर निगम पहली बार छठ पूजा के मौके पर घाटों के किनारे गंगा नदी के पानी की सफाई ट्रैश स्कीमर मशीन से शुरू कर दी है।

घाटों की सफाई के लिए आई मशीन को नगर निगम ने गंगा यान नाम रखा है। ऐसी मशीन पहली बार पटना निगम को मिली है। कंगन घाट से दीघा तक सभी घाटों के पानी की सफाई की जा रही है। जिससे छठ व्रतियों को पूजा करने में कोई परेशानी नहीं हो। साथ ही नदी में कहीं कचरा नहीं दिखेगा। गंगा यान की कीमत करीब एक करोड़ 75 लाख है। तीन साल तक के रख-रखाव और ईंधन पर कुल खर्च करीब तीन करोड़ आएगा। फिलहाल छठ पर गंगा नदी के साफ-सफाई के लिए इसे नदी में उतार दिया गया है। स्थायी तौर पर गंगा नदी की सफाई के लिए नगर निगम ने इसे खरीदा है ताकि गंगा की बेहतर सफाई हो सके।

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