नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली अपनी पार्टी के भीतर तो निशाने पर हैं ही अब मुख्य विपक्षी पार्टी नेपाली कांग्रेस ने भी हमलाबोला है.
इकोनॉमिक टाइम्स ने दूसरे पन्ने पर एक ख़बर प्रमुखता से प्रकाशित की है कि नेपाल के प्रधानमंत्री ओली पर मुख्य विपक्षी पार्टीनेपाली कांग्रेस ने नेपाल की ज़मीन चीन में मिलाए जाने को लेकर तीखा हमला बोला है.
अख़बार ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है, ”ओली ने नेपाल का जब नया राजनीतिक नक्शा जारी किया तो मुख्य विपक्षी पार्टी नेपालीकांग्रेस ने समर्थन किया था. इस मानचित्र में भारत के कुछ इलाक़ों को नेपाल का हिस्सा बताया गया है. लेकिन नेपाली कांग्रेस ने अबनेपाल की ज़मीन चीन में मिलाए जाने पर कड़ी आलोचना की है. देश के भीतर ओली सरकार के संकट लगातार बढ़ते जा रहे हैं.”
इकनॉमिक टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है, ”नेपाली कांग्रेस ने ओली सरकार से मांग की है कि चीन ने नेपाल के जिन हिस्सों परकब्ज़ा किया है उसे अपने नियंत्रण में ले. नेपाली कांग्रेस ने कहा है कि ओली सरकार चीन से बात करे और इसे लेकर संसद में प्रस्तावपारित करे. नेपाली कांग्रेस ने सरकार को भेजे पत्र में कहा है कि डोलखा, हुमला, सिंधुपालचौक, गोरखा और रासुवा ज़िले की 64 हेक्टेयर ज़मीन पर चीन ने अतिक्रमण किया है.”
अख़बार की इस रिपोर्ट के मुताबिक़ नेपाली विदेश मंत्रालय ने चीन के अतिक्रमण की रिपोर्ट को आधारहीन बताया है. नेपाली कांग्रेसने कहा है कि चीन ने गोरखा में पिलर संख्या 35 को नेपाल की ओर शिफ़्ट किया है. गोरखा ज़िले के उत्तरी हिस्से में स्थित रूई गाँवपर चीन ने अतिक्रमण किया है. इसे नेपाली परिवारों के 72 घर चीन के नियंत्रण वाले स्वायत्त तिब्बत में चले गए हैं. इसी तरहधारचुला ज़िले के जिउजु के 18 घर भी चीनी अतिक्रमण के शिकार हुए हैं.”
नेपाली कांग्रेस ने कहा है कि नेपाल और चीन के बीच 1414.88 किलोमीटर लंबी सीमा है. इतनी लंबी सीमा में कुल 98 पिलर लगेहुए हैं. इनमें से कुछ पिलर ग़ायब हैं और कुछ नेपाल के हिस्से में शिफ़्ट कर दिए गए हैं. नेपाली कांग्रेस के प्रस्ताव के अनुसार चीन नेयह अतिक्रमण डोलखा, हुमला, संखुवासभा, रासुआ, सिंधुपालचौक और गोरखा ज़िले में किया है.” नेपाली कांग्रेस ने कहा है किओली सरकार सीमा पर जल्द ही











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