Press "Enter" to skip to content

सेक्टर को लेकर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, भारत को तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की दिशा में कदम

पीएम नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक की थी जिसमें अंतरिक्ष क्षेत्र को लेकर एक बड़ा फैसला लिया गया। सरकार ने प्राइवेट कंपनियों को अंतरिक्ष क्षेत्र के अन्दर काम करने की अनुमति दे दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मई में इसे लेकर घोषणा भी की थी। पीएम मोदी ने भी सरकार के इस फैसले की सराहना की है।

उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा-“अंतरिक्ष क्षेत्र में सुधारों के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृति हमारे राष्ट्र को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की दिशा में एक और कदम है। इन सुधारों से निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी बढ़ावा मिलेगा।”

अंतरिक्ष मामलों के राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने इस बारे में कहा-“यह एक ऐतिहासिक और बड़े बदलाव वाला फैसला है। भारत आज अंतरिक्ष के क्षेत्र में अग्रणी देशों में शुमार है। फिर भी हमें पिछले 70 सालों के काम में थोड़ा बदलाव करने की जरूरत है। ये लॉन्ग टर्म रिफॉर्म हैं। कुछ लोगों को इसके फायदे समझ नहीं आएंगे लेकिन आने वाले सालों में इससे बहुत फायदा होगा।”

उन्होंने एक नयी संस्था की भी घोषणा की है जिसका नाम इंडियन नेशनल स्पेस, प्रमोशन एंड औथोराईजेशन सेंटर (IN-SPACe) है। ये संस्था निजी कंपनियों को अंतरिक्ष के बुनियादी ढांचे का उपयोग करने के लिए बनाई गयी है। उन्होंने कहा कि केंद्र नीतियों को प्रोत्साहित करने के माध्यम से अंतरिक्ष गतिविधियों में निजी उद्योगों का मार्गदर्शन करेगा।

इस संस्था की भूमिका ISRO में बढ़ा दी गई है। वे एक दूसरे के काम में सहयोग करेंगे और एक दूसरे के काम में दखल नहीं देंगे। जितेंद्र सिंह ने कहा कि ISRO मूल संगठन है जो होने वाली गतिविधियां या परियोजनाएं या मिशन को तय करने में एक प्रमुख भूमिका निभाएगा। लेकिन यह नई सुविधा खाई को भरने और मांग को पूरा करने के लिए पेश की गई है।

IN Space का एक संचालक बोर्ड बनाया जाएगा जो निजी कंपनियों और इसरो के बीच तालमेल बनाकर रखेगा। आने वाले दिनों में बोर्ड की रूपरेखा तय की जाएगी।

बता दें कि पिछले महीने वित्त मंत्री ने कहा था कि भारत सरकार प्राइवेट कंपनियों के लिए भी स्पेस इंडस्ट्री के दरवाजे खोलगी। उन्होंने कहा था-“भारत के पास पहले से ही ISRO जैसे शानदार संस्थान हैं लेकिन अब कई प्राइवेट कंपनियां भी इनोवेटिव स्पेस टेक्नॉलजी लेकर आ रही हैं। हम भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र को और आगे ले जाने के लिए प्राइवेट कंपनियों को परमिशन देंगे कि वे ISRO की संपत्तियों का इस्तेमाल करके देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं।”

Share This Article
More from BREAKING NEWSMore posts in BREAKING NEWS »
More from NationalMore posts in National »

Be First to Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *