बिहार में अप’राध की घट’नाओं पर बीजेपी ने नीतीश सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा है कि राज्य में एक बार फिर जंगलराज की वापसी हो रही है। उनका कहना है कि आरा में प्रोफेसर महेंद्र सिंह और उनकी पत्नी की जघ’न्य ह’त्या तथा पटना में पुलिस मुख्यालय के सामने छात्र की निर्मम ह’त्या इस बात की गवाही दे रहे हैं। बीजेपी का दावा है कि बिहार में फिर से भय का माहौल बनाया जा रहा है। साल 1990 से 2005 तक बिहार में जो खौफ का आलम था वह फिर दस्तक दे रहा है।

बयान जारी कर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने कहा है कि लालू यादव की सत्ता बिहार में 1990 से 2005 तक थी। उस दौरान लोग चुनाव में बूथ पर भी नहीं जाते थे। सत्ता के समर्थक दबं’ग और अप’राधी मनमाने तरीके से बूथ कैपचरिंग कर सत्ता पर कब्जा जमा लेते थे। एक बार फिर वही माहौल तैयार करने की कोशिश की जा रही है। पटना में डीजीपी आरएस भट्टी के कार्यालय के सामने नौजवान की ह’त्या और आरा में प्रोफेसर महेंद्र सिंह और उनकी पत्नी की ह’त्या इस बात की गवाही चीख चीख कर दे रहे हैं।

बता दें कि आरा में नवादा थाना क्षेत्र के कतीरा मोहल्ले में सोमवार को प्रोफ़ेसर दंपत्ति की बेरहमी से ह’त्या कर दी गई। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर महेंद्र सिंह और उनकी प्रोफेसर पत्नी पुष्पा सिंह की धार’दार हथि’यार से का’टकर जा’न ले ली गई। प्रोफेसर दंपत्ति बीजेपी से ताल्लुक रखते थे। महेंद्र सिंह चुनाव भी लड़ चुके थे।

इससे पहले राजधानी पटना में सोमवार की शाम अपराधियों ने कानून व्यवस्था को कड़ी चुनौती दी। बद’माशों ने पटना में 18 वर्षीय छात्र उज्जवल कुमार की सरेराह गो’ली मा’रकर ह’त्या कर दी।अपरा’धियों ने राज्य के डीजीपी और कड़क आईपीएस रविंद्र सिंह भट्टी के ऑफिस पास इस वा’रदात को अंजाम दिया।

घ’टनास्थल पटना के शास्त्रीनगर थाना से लगभग ढाई सौ मीटर की दूरी पर है। घट’ना के वक्त सड़क पर भीड़भाड़ थी। इससे बेपरवाह अपरा’धियों ने अपराधियों ने वा’रदात को अंजाम देकर बिहार की कानून व्यवस्था के साथ-साथ डीजीपी को भी कड़ी चुनौती दी है। पुलिस ने दोनों ही मामले में ह’त्यारों को जल्द गिर’फ्तार करने का दावा किया है। देखना अहम होगा पुलिस-प्रशासन का दावा कब तक सच होता है।























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