Press "Enter" to skip to content

बिहार के इस इलाके के लोगों के लिए अभिशाप नहीं वरदान है गंडक की बाढ़, जानें वजह

गोपालगंज जिले के दियारा इलाके के लोगों के लिए नदी वरदान बनी हुई है. यहां के लोगों के लिए सालों भर चूल्हा जलाने का इंतजाम नदी ही करवाती है. दरअसल, गोपालगंज जिले के दियारा इलाके में लोग गंडक नदी के किनारे से बाढ़ के पानी में बह कर आ रही लकड़ियों को छान लेते हैं और उन्हें ही सुखाकर घर में साल भर तक का जलावन के लिए इस्तेमाल करते हैं. इस काम में पूरा परिवार जान जोखिम में डाल कर बाढ़ के समय लकड़ी इकठ्ठा करता है.

आपदा को अवसर में कैसे बदल रहे है दियारा इलाके के लोग, पढ़े यह पूरी ख़बर

बढ़ती मंहगाई में नदी कर रही है सालों भर का इंतजाम

जहां एक तरफ बढ़ती महंगाई से लोगों को महीने का ईंधन भरवाने में पसीना छूट रहा है. वहीं इस लकड़ी के इस्तेमाल से उनलोगों का साल भर तक का इंधन का पैसा बच जाता है. बता दे की इन दिनों नेपाल के तराई क्षेत्र में बारिश होती रहती है, बारिश के बाद वाल्मीकि नगर बराज से पानी को डिस्चार्ज किया जाता है. जिसकी वजह से गोपालगंज में भी गंडक के जलस्तर में बढ़ोतरी होती रहती है. जहां कभी कभी गंडक के बढ़ने जलस्तर की वजह से सदर प्रखंड के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं, और उनके लिए मानो आपदा ही आ जाती है, लेकिन इन सबसे अलग गोपालगंज के सदर प्रखंड के पतहरा, रामनगर एवं गंडक नदी के आस पास के इलाके के कुछ लोग गंडक नदी से बह कर आ रही लकड़ियों को इकट्ठा करते हैं. और सूखा कर घर में उन्हें जलावन के रूप में इस्तेमाल करते हैं.

सुबह से गंडक के किनारे खड़ी रहता है कई परिवार

पताहरा गांव के राजवंती देवी बताती है की उन्हें सरकार से छोटा वाला घरेलू गैस सिलेंडर मिला है. गैस रिफलिंग कराने के लिए उन्हें ज्यादा पैसे चुकाने पड़ते हैं, लेकिन जब यहां बाढ़ आती है, तब वे अपने बच्चे और परिवार के अन्य सदस्य के साथ सुबह से गंडक के किनारे खड़ी रहती हैं, और गंडक नदी में से बहकर आ रही लकड़ियों को चुनती हैं. उन्हें घर में जलावन के रूप में इस्तेमाल करती हैं. जिससे उन्हें साल भर तक का इंधन के पैसे की बचत हो जाती है. जिससे इस बढ़ती महंगाई में उनके घर का खर्चा कम हो जाता है.

Share This Article
More from BIHARMore posts in BIHAR »
More from GOPALGANJMore posts in GOPALGANJ »
More from STATEMore posts in STATE »

Be First to Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *