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लॉकडाउन में मजदूरों की खूब हो रही है दु’र्दशा, तीन दिन पैदल चल घर पहुंचे अजय

कोरोना (Coronavirus) को लेकर 14 अप्रैल तक पूरे देश में लॉकडाउन (Lockdown) है। रोजी-रोजगार के साधन बंद हैं। दूसरे प्रदेशों में रहकर मजदूरी या प्राइवेट फैक्ट्रियों में काम करने वाले बेरोजगार हो गए हैं। उन्हें वहां काम नहीं मिल रहा है। ऐसे में उसके पास एकमात्र रास्ता अपने गांव आने का दिख रहा है, लेकिन लॉकडाउन में यातायात भी बंद है।

ऐसे हालात में पटना में राज मिस्‍त्री का काम करने वाला एक युवक तीन दिन पैदल चल अपने घर लखीयराय पहुंच गया। यह तो कुछ भी नहीं, छह युवक बाइक पर सवार होकर ओडिशा के भुनवेश्वर शहर से लखीसराय पहुंच गए।

पटना से पैदल तीन दिन में घर पहुंचा युवक

पटना के राजेंद्रनगर में राजमिस्त्री का काम करने वाले लखीसराय के चानन प्रखंड के रमलबीघा नयाटोला निवासी अजय शर्मा (Ajay Sharma) पटना से पैदल चलकर ही गुरुवार को लखीसराय पहुंच गए। उनकी हालत खराब थी। कबैया थाना के सामने पीठ पर बैग रखे भटकते अजय शर्मा की हालत पर पुलिस को दया आई। उन्‍हें पानी पिलाकर जमुई जा रहे एक एलपीजी गैस सिलेंडर लदे ट्रक पर बिठाकर मननपुर के लिए भेजा।

अजय शर्मा ने बताया कि उन्‍हें पटना में काम नहीं मिल रहा था। ट्रेन सहित यातायात के सभी साधन बंद रहने के कारण मंगलवार को वे पैदल ही पटना से चल दिए। उनके पास मात्र पांच सौ रुपये थे। रास्ते में खाने-पीने में पैसे खर्च हो गए। अब उसके पास एक रुपया भी नहीं बचा है। घर पहुंचने पर परिवार के लोगों के साथ किसी तरह गुजारा करेंगे।

बाइक पर आ गए भुवनेश्‍वर से बिहार

लखीसराय के सूर्यगढ़ा प्रखंड के खांड़पर निवासी अमरजीत कुमार (Amarjeet Kumar) उर्फ कल्लू अपने छह साथियों के साथ भुवनेश्वर (ओडिशा) में रहकर मार्बल लगाने का काम करते थे। लॉकडाउन के बाद वे बेरोजगार हो गए। अमरजीत कुमार अपने छह साथियों के साथ दो बाइकों पर सवार होकर भुवनेश्वर से बुधवार की शाम सूर्यगढ़ा पहुंचे। अमरजीत ने बताया कि भुवनेश्वर से आने में उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। पुलिस को देखते ही छिपना पड़ता था। अपने साथियों के साथ वे किसी तरह घर पहुंचने में कामयाब हो गए।

 

Source: Jagran

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