मुजफ्फरपुर में एक डिजिटल पत्रकार द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर नया विवाद सामने आया है। डिजिटल पत्रकार अमित कुमार उर्फ अमित आर्य ने वरीय पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में दावा किया है कि 5 अगस्त को सर्किट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पथ निर्माण विभाग के मंत्री से सवाल पूछते समय उनके सहयोगी के हाथ से मोबाइल फोन ले लिया गया और बिना अनुमति उसमें रिकॉर्ड किए गए कुछ महत्वपूर्ण वीडियो डिलीट कर दिए गए।


आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि इस घटना से उनके पत्रकारिता कार्य में बाधा पहुंची तथा उन्हें धमकी भी दी गई। पत्रकार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, सीसीटीवी फुटेज की जांच, डिलीट किए गए वीडियो की तकनीकी रिकवरी, दोषियों पर कानूनी कार्रवाई और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि इससे पहले भी उनके साथ एक अन्य घटना हुई थी। फिलहाल ये सभी आरोप आवेदन के आधार पर लगाए गए हैं और संबंधित पक्ष की ओर से इस मामले में सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब इस पूरे मामले में पुलिस जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं और आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।












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