13 वर्ष पुराने रिश्वतखोरी के मामले में निगरानी की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए तत्कालीन प्रभारी प्रधानाध्यापक उपेन्द्र शर्मा को तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपये के आर्थिक जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला 06 अगस्त 2026 को विशेष न्यायालय (निगरानी), पटना के न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह ने सुनाया।
घूसखोर हेडमास्टर के खिलाफ विजिलेंस कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। दो हजार रूपये घूस लेते 13 साल पहले पटना के पालीगंज रघुनाथपुर स्थित दामोदर उच्च विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक उपेन्द्र शर्मा को दो हजार रूपये घूस लेते निगरानी की टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरों की इस कार्रवाई में 06 अगस्त 2026 को निगरानी की विशेष अदालत ने दोषी ठहराते हुए 3 साल की सजा और 10 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना लगाया गया। अब तक वर्ष 2026 में कुल 14 भ्रष्टाचार के मामले में निगरानी की विशेष कोर्ट द्वारा सजा सुनायी गई।

निगरानी की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस बात की जानकारी दी गयी है। बताया गया कि आज दिनांक 06.08.2026 को अतुल कुमार सिंह, न्यायाधीश, विशेष न्यायालय निगरानी, पटना द्वारा अभियुक्त उपेन्द्र शर्मा, तत्कालीन प्रभारी प्रधानाध्यापक, दामोदर उच्च विद्यालय, ग्राम-रघुनाथपुर पालीगंज, जिला- पटना को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7. 13(2) सह पठित धारा 13 (1) (डी) के तहत निगरानी थाना कांड संख्या-44/2013 (विशेष वाद सं-49/2013) में दोषी ठहराया गया।
















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