बिहार में मानसून की रफ्तार अभी भी धीमी बनी हुई है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादलों की आवाजाही तो हो रही है, लेकिन व्यापक बारिश नहीं होने से लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार मानसून सामान्य से काफी कमजोर रहा है, जिसके कारण राज्य में अब तक औसत से लगभग 55 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
6 जुलाई तक बिहार में सामान्य रूप से करीब 230.1 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 103 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। कम बारिश का असर खेती-किसानी के साथ-साथ आम जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है। कई जिलों में धान की रोपाई प्रभावित हो रही है, जबकि शहरों में बढ़ी हुई नमी और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।
मौसम विभाग ने राज्य के बांका, भागलपुर, पश्चिम चंपारण, कटिहार और किशनगंज जिलों के लिए भारी बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। इन जिलों के लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।








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