पटना : पटना चिड़ियाघर अब सिर्फ जानवर देखने की जगह नहीं रहेगा, बल्कि यह सरकार की ग्रीन सोच और आधुनिक पर्यटन नीति का प्रतीक बनने जा रहा है। जंगल, जानवर और जनसुविधा तीनों के तालमेल से पटना जू को नए सिरे से संवारा जाएगा।सबसे बड़ी और आकर्षक पहल के तौर पर पटना जू में जल्द ही ट्री टॉप वॉक-वे की शुरुआत होने जा रही है। पेड़ों की ऊंचाई पर बना यह वॉक-वे न सिर्फ रोमांचक अनुभव देगा, बल्कि प्रकृति से जुड़ने का नया नजरिया भी पेश करेगा। यह कदम बताता है कि सरकार अब पर्यावरण संरक्षण को पर्यटन से जोड़ने की सियासत पर चल पड़ी है।

आम लोगों की सहूलियत के लिए 15 दिन के भीतर ऑनलाइन टिकट व्यवस्था शुरू हो जाएगी। अब जू घूमने के लिए लाइन में लगने की मजबूरी नहीं होगी। विजिटर्स घर बैठे टिकट बुक कर सकेंगे, हालांकि ऑफलाइन टिकट व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी। सुरक्षा के लिहाज से पूरे परिसर में करीब 150 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और एक अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा, जहां से हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाएगी। इसका ऐलान पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने बुधवार को आयोजित प्रेसवार्ता में किया।

फरवरी से किफायती दरों पर गाइड सेवा शुरू होगी, जिससे जू भ्रमण केवल सैर नहीं, बल्कि सीखने का अनुभव बनेगा। इसके साथ ही पटना जू का अपना फ्री मोबाइल ऐप भी लॉन्च होगा, जिसमें जानवरों और पौधों से जुड़ी विस्तृत जानकारी उपलब्ध रहेगी।

सरकार की योजना यहीं नहीं थमती। जू परिसर में सोविनियर शॉप और नर्सरी शॉप बनाई जाएगी, जहां वन्यजीव और पर्यावरण से जुड़ी किताबें, टी-शर्ट, मग, खिलौने और सस्ते पौधे मिलेंगे। फूड कियोस्क, प्रवेश द्वारों का सौंदर्याकरण, बैठने के लिए शेड्स, 3-डी पेंटिंग, जू मित्र कार्यक्रम, मछलीघर का नवीनीकरण और मेडिसिनल गार्डन का विस्तार भी प्रस्तावित है।

कुल मिलाकर, पटना जू अब महज चिड़ियाघर नहीं, बल्कि सरकार की उस सोच का आईना बनने जा रहा है, जहां विकास, पर्यावरण और जनसुविधा एक ही राह पर चलते नजर आएंगे।















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