समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर में बागमती एक्सप्रेस ट्रेन में फर्जी टीटीई बनकर यात्रियों से अवैध वसूली करने वाले एक निजी स्कूल शिक्षक को रंगे हाथों पकड़ा गया. यह घटना रविवार को हुई, जब यात्रियों की सतर्कता और रेल कर्मियों की त्वरित कार्रवाई से आरोपी की पोल खुली.

यात्रियों की शिकायत पर हुई कार्रवाई
समस्तीपुर रेल डिवीजन के अनुसार, टिकट निरीक्षक डंडन चौधरी को वापसी यात्रा के दौरान यात्रियों से शिकायत मिली कि गाड़ी संख्या 12578 बागमती एक्सप्रेस के सामान्य कोच में एक व्यक्ति खुद को टीटीई बताकर टिकट जांच रहा है और बिना टिकट यात्रियों से पैसे वसूल रहा है. शिकायत को गंभीरता से लेते हुए निरीक्षक ने कोच में पहुंचकर आरोपी को पकड़ा.

आरोपी ने कबूला जुर्म
समस्तीपुर रेल डिवीजन के मीडिया प्रभारी आर.के. सिंह ने बताया कि पूछताछ में 43 वर्षीय आरोपी ने अपना नाम हर्षवर्धन भारद्वाज उर्फ चुलबुल बताया. वह बेगूसराय जिले के तेघड़ा थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 1 का निवासी है. उसने कोई वैध अधिकार पत्र नहीं दिखाया और अनधिकृत टिकट जांच करने की बात स्वीकार कर ली. ट्रेन समस्तीपुर स्टेशन पहुंचते ही RPF और GRP ने उसे हिरासत में ले लिया.

शिक्षक होने का खुलासा
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह एक निजी स्कूल में शिक्षक है. उसने बताया कि कम सैलरी के कारण परिवार चलाने में परेशानी हो रही थी, इसलिए उसने यह गलत तरीका अपनाया. टिकट निरीक्षक डंडन चौधरी के बयान पर जीआरपी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है.

रेल थाना अध्यक्ष के अनुसार, आरोपी को सोमवार को रेल न्यायिक दंडाधिकारी के सामने पेश किया जाएगा. अदालत की कार्रवाई के बाद उसे जेल भेजा जाएगा. यह मामला रेलवे अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है.

रेल प्रशासन की यात्रियों से अपील
इस घटना के बाद समस्तीपुर डिवीजन प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि किसी संदिग्ध व्यक्ति द्वारा टिकट जांच या वसूली की कोशिश पर तुरंत ड्यूटी पर तैनात रेल कर्मी, RPF या GRP को सूचना दें. यात्रियों की सतर्कता से ही इस बार आरोपी पकड़ा गया.
ऐसी घटनाओं पर सख्ती जरूरी
रेल अधिकारियों का कहना है कि फर्जी टीटीई की घटनाएं यात्रियों का विश्वास तोड़ती हैं. आर्थिक तंगी को अपराध का बहाना नहीं बनाया जा सकता. ऐसी घटनाओं पर सतत निगरानी और सख्त कार्रवाई से ही इन्हें रोका जा सकता है.










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