मुजफ्फरपुर : 6 दिसंबर 1992 में अयोध्या में ध्वस्त किए गए बाबरी ढांचे की स्मृति में अंतर्राष्ट्रीय सनातन हिंदू वाहिनी एवं विश्व सनातन सेना के संयुक्त तत्वाधान में मुजफ्फरपुर के बाबा गरीब नाथ मंदिर के ऐतिहासिक सभागार में शौर्य दिवस एवं सनातन राष्ट्र संकल्प सभा का आयोजन किया गया।
जिसकी अध्यक्षता पूर्व कारा अधीक्षक और साहित्यकार देवेंद्र कुमार ने तथा धन्यवाद ज्ञापन सनातन सेना के प्रमुख अनिल कुमार ने किया। वहीं कार्यक्रम का उद्घाटन बोचहां के विधायक बेबी कुमारी, अंतर्राष्ट्रीय सनातन हिंदू वाहिनी के केंद्रीय अध्यक्ष आचार्य चंद्र किशोर पाराशर, कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय दरभंगा के पूर्व कुल सचिव डॉक्टर देवेंद्र कुमार सिंह, बिहार विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉक्टर देवव्रत अकेला,


जन विकास मिर्चा अध्यक्ष राजेश कुमार,स्मृद्धि फाउंडेशन संस्थापिका स्मृति सिंह, गुरु बहना देवी सुंदरी जी, बोचहा अध्यक्ष प्रकाश गुप्ता कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और लेखक अमिया भूषण ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर एवं मुजफ्फरपुर के कांटी प्रखंड के बलिदानी कारसेवक संजय कुमार के चित्र पर पुष्पांजलि कर किया। 


इस अवसर पर अपने उद्घाटन संबोधन में विधायक बेबी कुमारी ने कहा कि अयोध्या का गौरव भगवान राम की कृपा से लौटा है। परंतु हमें उन बलिदानी कारसेवकों को भी नहीं भूलना चाहिए जिन्होंने अपने बहुमूल्य जीवन की आहुति कार्यसेवा के दौरान दी।


इसके साथ ही अपने स्वागत संबोधन में अंतर्राष्ट्रीय सनातन हिंदू वाहिनी के केंद्रीय अध्यक्ष आचार्य चंद्र किशोर पाराशर ने कहा कि अयोध्या आंदोलन ने भारत में हिंदू नवजागरण का जो सामाजिक राजनीतिक प्रभाव छोड़ा था उसका प्रतिफल आज हमें प्राप्त हो रहा है।

उन्होंने सनातन समाज से आह्वान किया कि अब वह मथुरा और काशी के लिए भी तत्पर होकर संघर्ष करें। समारोह को संबोधित करते हुए अमिय भूषण ने कहा कि मुगल आक्रांताओं ने जहां कहीं भी हमारे मंदिरों को ध्वस्त कर वहां अपने प्रतीक को स्थापित किया है उन सब जगह को चिन्हित कर फिर से हासिल करने की दिशा में हमें संघर्ष शुरू करना चाहिए।













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