वक्फ बोर्ड बिल को लेकर राजनीति जारी है. इस मुद्दे पर बिहार की पूर्व सीएम और राजद अध्यक्ष लालू यादव की पत्नी राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अपना स्टैंड क्लियर करने को कहा है. मुख्यमंत्री पर वार करते हुए राबड़ी देवी ने कहा कि नीतीश कुमार को अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए. यदि वह चुप हैं तो यह माना जाएगा कि इस बिल के विरोध सदन में हैं. लेकिन उनके नेता तो समर्थन कर रहे हैं. इसका मतलब नीतीश कुमार दोनों तरफ के माई बने हुए हैं. राबड़ी देवी ने कहा कि इस बिल को लेकर अल्पसंख्यकों द्वारा जब पटना में बैठक बुलाई गई थी तब मुख्यमंत्री उसमें शामिल नहीं हुए थे. उनको जाना चाहिए था, लेकिन वह नहीं गए।
वक्फ बिल को लेकर बिहार विधान परिषद में राबड़ी देवी के नेतृत्व में विपक्ष के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान राजद एमएलसी अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि हमारा देश का संविधान चार स्तंभ पर टिका हुआ है. बीजेपी इस बिल की आड़ में मुसलमानों पर नियोजित ढंग से हमला कर रही है. उनके अधिकारों को चिन्हित करने का काम कर रही है. वक्फ बिल जो कानून है ये सीधा अल्पसंख्यकों पर सरकार का प्रहार है. सरकार उनके हक और उनकी संपत्ति को जब्त करना चाहती है. इसीलिए हम इसका विरोध करते हैं. सड़क से सदन तक हमारी पार्टी इस बिल का विरोध करेगी।

केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए राबड़ी देवी ने कहा कि इस बिल के बहाने केंद्र सरकार अल्पसंख्यकों पर बड़ा हमला करना चाह रही है, लेकिन हम लोग होने नहीं देंगे. इस बिल का हम लोग खुलकर विरोध करते हैं. इस बिल पर बीजेपी को सहयोगियों का साथ नहीं मिलता दिख रहा है. यही वजह है कि बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे ने खुद इस मामले को अभी शांत रखने का प्रस्ताव दिया है. बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने संसद में संयुक्त संसदीय समिति (JPC) का कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है. पहले सरकार इस बिल को मौजूदा शीतकालीन सत्र में लाने की तैयारी थी।





















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