पटना: पिछले कुछ दिनों से हो रही मानसून की बारिश के कारण बिहार की कोसी और सीमांचल की प्रमुख नदियों का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। सुपौल और सहरसा में कोसी तो कटिहार में गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। सुपौल में कोसी के जलस्तर में पुन शुक्रवार सुबह से वृद्धि होने लगी है। इस कारण पूर्वी और पश्चिमी तटबंध पर जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों ने चौकसी बढ़ा दी है।


कोसी बराज पर शुक्रवार शाम चार बजे एक लाख 27 हजार 290 क्यूसेक डिस्चार्ज रिकॉर्ड किया गया जो बढ़ने के क्रम में है। मुख्य अभियंता ई वरुण कुमार ने बताया कि जलस्तर बढ़ने और घटने को लेकर अभियंताओं की टीम पूरी स्थिति पर निगरानी रख रही है। वहीं सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड के केदली, महिषी के झाड़ा, सलखुआ के चानन, साम्हरखुर्द गांव के निचले इलाके में कोसी नदी की बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। हालांकि घरों तक अभी पानी नहीं पहुंचा है।


तटबंध के अंदर लगभग आधा दर्जन सड़कों पर भी पानी आर पार बह रहा है। खगड़िया जिले में कोसी व बागमती नदी के जलस्तर में शुक्रवार को कमी दर्ज की गई। जिले के बलतारा में 15 सेंटीमीटर की कमी कोसी नदी में दर्ज की गईं। वही स्लुईस गेट के पास बागमती नदी में पिछले 24 घंटे में 39 सेंटीमीटर कमी आई है। जिले के चौथम प्रखंड अंतर्गत शिशवा गांव के पास अब भी कटाव तेज है। किसानों की प्रतिदिन उपजाऊ जमीन कोसी नदी में समा रही है।




इधर जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता कृपाल चौधरी ने बताया कि कटाव निरोधक कार्य जारी है। कटिहार में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधीक्षण अभियंता दीपक कुमार ने बताया कि पिछले 18 घंटे में गंगा नदी के जलस्तर में करीब 17 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। महानंदा नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट जारी है जबकि कोसी नदी का जलस्तर स्थिर हो गया है । पूर्णिया के बायसी अनुमंडल क्षेत्र में शुक्रवार को भी परमान नदी के जलस्तर में वृद्धि जारी रही। इसका जलस्तर खतरे के निशान के उपर है।
















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