पटना: सावन की शुरुआत 22 जुलाई से हो रही है। इसके साथ ही राज्य में 14 स्थानों पर श्रावणी मेले की शुरुआत हो जाएगी। एक महीने तक चलने वाले इस मेले की समुचित तैयारी का आदेश राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारी को दिए हैं। इसके लिए राजस्व विभाग की ओर से फिलहाल 5 करोड़ 46 लाख 86 हजार रुपये जारी किए गए हैं। विभाग ने यह भी कहा है कि अगर आयोजन में किसी जिले से अतिरिक्त राशि की मांग की जाएगी, तो वह भी उसे मुहैया कराई जाएगी। कहा गया है कि राज्य के सभी मेला क्षेत्रों में आने वाले भगवान भोलेनाथ के भक्तों को सभी सुविधाएं सुलभ कराया जाएगा।


बिहार सरकार की ओर से सभी स्थानों पर आयोजित मेले में आने वाले सभी वर्ग के श्रद्धालुओं के लिए तमाम मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था का आदेश दिया गया है। जिन स्थानों पर मेले का आयोजन होने जा रहा है, उसमें बांका, भागलपुर, मुंगेर, लखीसराय, जमुई, मुजफ्फरपुर में दो स्थानों बाबा गरीबनाथ और बाबा दूधनाथ मंदिर परिसर, पूर्वी चंपारण के अरेराज स्थित शिव मंदिर परिसर, हाजीपुर, सोनपुर के पहलेजाघाट (बाबा हरिहर नाथ शिव मंदिर), पूर्णिया का धीमेश्वर स्थान मंदिर, बेगूसराय का बाबा हरिगिरिधाम स्थान, मधुबनी में भैरवा श्रावणी मेला और जहानाबाद में वाणावर श्रावणी मेला शामिल है। इस सभी स्थानों पर राजस्व विभाग ने संबंधित जिला प्रशासन को खासतौर से निर्देश दिया है।


इनमें श्रद्धालुओं के लिए पीने का पानी, ठहरने की व्यवस्था, समुचित लाइटिंग खासकर रात के समय, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, एनाउंसमेंट प्रणाली, कंट्रोल रूम, पूरे स्थान की सही तरीके से साफ-सफाई, खाने-पीने के स्टॉल का सही तरीके से प्रबंधन समेत अन्य सभी जरूरी चीजों को मुहैया कराने के लिए कहा गया है। किसी स्थान पर व्यवस्था में कोई लापरवाही नहीं हो, इसका खासतौर से ध्यान रखने के लिए कहा गया है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री ने कहा कि श्रावणी मेले में किसी स्थान पर कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।

सभी संबंधित जिला प्रशासन को पूरी मुस्तैदी से काम करने का सख्त निर्देश दिया गया है। किसी आयोजन में राशि की कोई कमी नहीं होगी। जहां जितनी आवश्यकता होगी, उतनी राशि दी जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा का खासतौर से ध्यान रखने के लिए कहा गया है।
















Be First to Comment