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इस साल आषाढ़ अमावस्या कब हैं? जानें स्नान-दान का सबसे उत्तम मुहूर्त

आषाढ़ महीने में आने वाली अमावस्या का विशेष महत्व होता है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान, पितरों का तर्पण व दान करना अति उत्तम माना गया है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर माह के कृष्ण पक्ष के अंत में अमावस्या और शुक्ल पक्ष के अंत में पूर्णिमा आती है। हिंदू पंचांग में एक साल में कुल बारह अमावस्या वर्णित हैं।

पितृ दोष और कालसर्प योग से मुक्ति दिलाती है आषाढ़ अमावस्या - Demokratic  Front

 

इस साल आषाढ़ अमावस्या 05 जुलाई, शुक्रवार को है। मान्यता है कि अमावस्या के दिन शुभ कार्यों की मनाही होती है। आषाढ़ कृष्ण अमावस्या तिथि 05 जुलाई को सुबह 04 बजकर 57 मिनट से प्रारंभ होगी और 06 जुलाई को सुबह 04 बजकर 26 मिनट तक रहेगी।

आषाढ़ अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि स्नान करने के बाद दान जरूर करना चाहिए। धार्मिक मान्यता अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त में यानी सूर्योदय से पूर्व स्नान करना अति उत्तम माना गया है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 08 मिनट से प्रारंभ होगा जो कि सुबह 05 बजकर 29 मिनट तक रहेगा।

 

आषाढ़ अमावस्या के दिन दान का शुभ मुहूर्त सुबह 07 बजकर 13 मिनट से सुबह 08 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। इसके बाद सुबह 08 बजकर 57 मिनट से सुबह 10 बजकर 41 मिनट तक दान करना अति उत्तम रहेगा। दान का अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 58 मिनट से दोपहर 12 बजकर 54 मिनट तक रहेगा।

 

अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें। फिर सूर्यदेव को अर्घ्य दें। इस दिन सुबह पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं। अपने पूर्वजों को तर्पण करें। जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और अन्य आवश्यक वस्तुएं दान करें। शाम को पीपल के पेड़ में दीपक जलाएं। इस दिन शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनि दर्शन करना उत्तम माना गया है।

 

 

 

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