गंगा दशहरा / निर्जला एकादशी 2024: इस बार गंगा दशहरा और निर्जला एकादशी की तारीखों को लेकर थोड़ा असमंजस है। आपको बता दें कि गंगा दशहरा ज्येष्ठ मास की दशमी तिथि और निर्जला एकादशी ज्येष्ठ मास की एकादशी को मनाया जाता है। इस बार दोनों तारीखों में थोड़ा अंतर है। इस साल गंगा दशहरा 16 जून को मनाया जाएगा, लेकिन एकादशी व्रत 17 जून को नहीं बल्कि 18 जून को रखा जाएगा।

इस साल एकादशी की तिथि 17 जून 2024 को प्रात: 4 बजकर 43 मिनट से शुरू हो जाएगी और अगले दिन 18 जून को सुबह 6 बजकर 24 मिनट तक रहेगी। इसलिए निर्जला एकादशी का व्रत 18 जून मंगलवार को रखा जाएगा। ऐसा माना जाता है कि ज्येष्ठ माह में शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर मां गंगा का अवतरण भूलोक पर हुआ था।



इस दिन गंगा स्नान से दस तरह के पापों से मुक्ति मिलती है। ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा का महापर्व मनाया जाता है। इस दिन गंगा नदी में स्नान और पूजा के साथ दीपदान का विशेष महत्व होता है। इस दिन गंगा स्नान से हर तरह के पापों से मुक्ति मिल जाती है। इतना ही नहीं इस दिन गंगा स्नान से पितर भी प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद मिलता है। इसलिए इस दिन का खास महत्व माना जाता है। इस दिन किया गया दान बहुत पुण्य देने वाला होता है।



निर्जला एकादशी को साल की सबसे बड़ी एकादशी माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि जो इस एकादशी का व्रत कर लेता है, उसे सभी एकादशी का फल मिल जाता है। ऐसा कहा जाता है कि निर्जला एकादशी का व्रत बिना पानी पिए किया जाता है। आपको बता दें कि इस दिन किया गया दान बहुत कभी न खत्म होने वाला पुण्य देता है।

















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