पटना: सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण पहली से आठवीं कक्षा के 92 प्रतिशत तथा 6वीं से 8वीं कक्षा के 75 प्रतिशत शिक्षकों को उनकी पहली पसंद का जिला आवंटित हुआ है। अन्य शिक्षकों को दूसरी और तीसरी पसंद के जिले मिले हैं। इन शिक्षकों को उनके आवंटित जिले के स्कूलों में रिक्ति के आधार पर पदस्थापित कराया जाएगा। इसकी कार्रवाई भी शिक्षा विभाग ने शुरू कर दी है। मालूम हो कि नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा दिये जाने को लेकर विभाग ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के माध्यम से सक्षमता परीक्षा करायी थी।

कक्षा एक से पांच तक के एक लाख 48 हजार 845 शिक्षकों ने सक्षमता परीक्षा दी थी। इनमें एक लाख 39 हजार दस उत्तीर्ण हुए थे। वहीं, कक्षा छह से आठ के 23 हजार 873 शिक्षकों ने सक्षमता परीक्षा दी थी, जिनमें 22 हजार 941 उत्तीर्ण हुए हैं। विभाग ने पहले ही साफ किया है कि हर नियोजित शिक्षकों को सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण होने के लिए पांच मौके दिये जाएंगे। परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद स्कूल में योगदान की तिथि से नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाएगा। राज्य कर्मी का दर्जा मिलते ही बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा नियुक्त शिक्षकों की तर्ज पर इन्हें सुविधाएं मिलने लगेंगी।

मालूम हो कि सक्षमता परीक्षा के समय ही सभी शिक्षकों से उनकी पसंद के तीन जिलों का विकल्प मांगा गया था, जहां के स्कूलों में वह पदस्थापित होना चाहते हैं। सक्षमता परीक्षा में विषयवार प्राप्त अंकों के आधार पर शिक्षकों को उनके पसंद के जिले आवंटित किये गये हैं। जिन शिक्षकों को उनके पसंद के जिले नहीं मिले हैं और वे नयी जगह पर योगदान नहीं देना चाहते हैं, उन्हें अगली सक्षमता परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया जाएगा।





















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