मलमास माह 2023: 18 जुलाई 2023 से मलमास का महीना शुरू हो गया है, जो 16 अगस्त 2023 तक चलेगा। हिंदू धर्म में मलमास का बड़ा महत्व है. यह विशेष महीना हर 3 साल में आता है. इस बार 19 साल बाद ऐसा संयोग बना है, जब अधिकमास सावन महीने में आया है. इसके चलते इसका महत्व और भी बढ़ गया है। मलमास में पूजा-पाठ, जप-तप का बड़ा महत्व है, साथ ही कुछ कामों को वर्जित भी किया गया है. आइए जानते हैं कि मलमास में क्या करना चाहिए, क्या नहीं।
मलमास में ना करें ये काम
मलमास में शादी-विवाह, मुंडन, अन्नप्राशन संस्कार, गृह प्रवेश, भूमि पूजन जैसे शुभ काम वर्जित होते हैं. ना ही मलमास में नए घर का निर्माण शुरू करना चाहिए. नया काम या व्यापार भी नहीं शुरू करना चाहिए. इसके अलावा किसी व्रत की शुरुआत, व्रत उद्यापन, देव प्रतिष्ठा, वधू प्रवेश, भूमि की खरीदारी करने की भी मनाही की गई है.
मलमास में लहसुन-प्याज, मांस मदिरा, अंडे, नशीले पदार्थ, बासी भोजन, शहद, चावल का मांड, मूंग दाल, मसूर दाल, उड़द दाल, साग-सब्जी, तिल का तेल, राई, गोभी आदि का सेवन करने से बचना चाहिए।
मलमास में करें ये काम
मलमास में ज्यादा से ज्यादा दान-पुण्य करना चाहिए. गरीब-जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए. मलमास में दान करने से ग्रहों, पुराने जन्म के अशुभ कर्मों के प्रभाव से मुक्ति मिलती है. मलमास में ज्यादा से ज्यादा समय भगवान विष्णु की भक्ति में लगाना चाहिए. मलमास में श्राद्ध कर्म किए जा सकते हैं. मलमास के दौरान शुद्ध और सात्विक भोजन करना चाहिए और सात्विक आचरण करना चाहिए.
माना जाता है कि अधिकमास में तिल, चना, मूंगफली, चावल, मटर, ककड़ी, आम, पीपल, जीरा, सुपारी, सेंधा नमक, कटहल, गेहूं, सफेद धान, मूंग, घी, धनिया, मिर्च आदि का सेवन करना चाहिए. अधिकमास में भगवान सत्यनारायण की पूजा करना बेहद शुभफलदायी माना जाता है. ऐसा करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी दोनों की कृपा से खूब धन-वैभव मिलता है.
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