मुजफ्फरपुर: की मुजफ्फरपुर पुलिस ने इनके खिलाफ अभियान चलाया। नेटवर्किंग के माध्यम से अमीर बनने का सपना दिखाकर बेरोजगार युवकों से करोड़ों की ठ’गी करने वाले गिरोह के सात शाति’रों को अहियापुर पुलिस ने बखरी से गिर’फ्तार कर लिया है। गिरो’ह का सरगना फरा’र हो गया। उसकी गि’रफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।

इस मामले में यूपी के महाराजगंज जिले के धुधली थाना के भुवली निवासी ओंमकार नाथ पांडेय के आवेदन पर एफआईआर की गई है। इसमें नेटवर्किंग कंपनी के संचालक सहित 10 को आरो’पी बनाया गया है। केस दर्ज करने के बाद अहियापुर पुलिस एक्टिव हो गई।कई जिलों में छापेमारी के बाद यह सफलता हाथ लगी।
पुलिस ने सीतामढ़ी जिले के रून्नीसैदपुर थाना के बहारी निवासी सुबोध कुमार, पटना जिले के पालीगंज थाना के अमरपुरा निवासी अमन कुमार, महाराजगंज के कोठीमार थाना के धुधली निवासी अमित कुमार, पश्चिम चंपारण के सघरौना निवासी देवराज उर्फ राजन, वैशाली जिले के गोरौल थाना के कटहरा ओपी निवासी इंद्रजीत राम, यूपी कुशीनगर के रामपुरमाट निवासी करण गुप्ता, महाराजगंज के डढौली निवासी दीपक कुमार को गिरफ्तार किया है। सभी से थाने पर पूछताछ चल रही है।

ओंमकार ने बताया कि उसके एक दोस्त पवन ने उसे बताया कि कुशीनगर के रामपुर भाट के करण गुप्ता बिहार के नेटवर्किंग कंपनी में काम करता है। उसे अच्छा खासा इनकम होता है। वह भी काम करने के लिए साथियों के साथ जा रहा है। ओंमकार भी बीते 15 अप्रैल को अपने दोस्तों के बताए अनुसार मुजफ्फरपुर स्थित नेटवर्किंग कंपनी के कार्यालय में गया। इंद्रजीत राम कार्यालय में बैठा था। उसने उसे 15 दिन का प्रशिक्षण कराया। इस दौरान उससे 21,500 रुपये ले लिए। इसके बाद कम से कम दो दोस्तों को कंपनी में काम करने के लिए बुलाने को कहा। मना करने व रुपये वापस मांगने पर बंधक बना लिया।








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