मुजफ्फरपुर: किसान मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रंजीत शर्मा अपने कार्यकर्ताओं के साथ मोतीपूर प्रखंड के बांसघाट गांव का दौरा किया। बता दें, 10 अप्रैल को बांस घाट गाँव के करीब 100 घर जलकर खाक हो गए थे, जानमाल का कोई खतरा नहीं हुआ था लेकिन छती बहुत बड़ी हुई थी।
चौंकाने वाली बात यह हैं कि इतनी बड़ी अग्निकांड त्रासदी के बाद भी वहां जिलाधिकारी और कोई भी बरे प्रशासनिक पदाधिकारी नहीं पहुंचे। इतने बड़े त्रासदी का अंदाजा वहां का मंजर देखकर लगाया जा सकता है। सरकार द्वारा क्षतिपूर्ति का जो प्रावधान है वह तो मिला नहीं। अपितु मात्र लगभग 11 लोगों को 9800 का चैक दिया गया जिसे गाँव के लोगों उसे काग़ज़ का टुकड़ा बता रहे हैं।

पीड़ित गाँव बासीयों के बीच सरकारी रवैये से खासी नाराजगी है। किसान मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रंजीत शर्मा ने काफी लोगों से बात करके उनके दर्द, पीड़ा और चारों तरफ फैले बर्बादी नज़ारा के लिये किसानों को समझाते हुए उन्हें हर तरह से साथ देने और उनके छती के पूर्णरूपेण क्षतिपूर्ति दिलाने की घोषणा किया। पूरी तरह से बर्बाद हुए लोगों की व्यथा सुनकर वहां उपस्थित लोगों का दिल रो पड़ा। आखिरकार सरकारी तंत्र कब जागेगा, ग़रीबों की बर्बादी और उसकी पुकार कौन सुनेगा, इतनी बड़ी बर्बादी का मुआवजा दिलाने के लिए किसान मजदूर संघ ने कमरकस ली हैं।

इस देश की कानून को देखिए कि गुनाहगारों के रखरखाव पर करोड़ों खर्चा किया जाता है, लेकिन वही गरीबों की बर्बादी पर मुआवजे के नाम पर धो’खाधड़ी, बंदरबांट जैसी स्थिति होने की बात लोगों ने कही। मौके पर उपस्थित लोगों में अजित पटेल, ललिता देवी, गोरख राय, सिद्धांत कश्यप, काजल देवी , गुड्डू देवी, किसान मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रंजीत शर्मा, डब्लू चौधरी , अमन कुमार, अमित कुमार साथ में सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

















Be First to Comment