बिहार के विश्विद्यालयों में अतिथि शिक्षकों (Bihar University Guest Faculty) की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है. दरअसल बिहार सरकार के शिक्षा विभाग (Education Department) ने राज्य के विश्वविद्यालयों, अंगीभूत कॉलेजों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के मानदेय में बढ़ोतरी की है साथ ही साथ उनकी नियुक्ति के लिए गठित होने वाली चयन समिति की संरचना में संशोधन और उनकी नियुक्ति संबंधी सेवा शर्त में संशोधन किया है. इसका नोटिफिकेशन मंगलवार को जारी कर दिया गया है. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा इनकी नियुक्ति के लिए चयन समिति की संरचना में संशोधन किया गया है.
इसके तहत अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति विश्वविद्यालय द्वारा गठित समिति करेगी. समिति में विश्वविद्यालय के कुलपति अध्यक्ष होंगे. एक सदस्य कुलपति द्वारा नामित और संबंधित विषय के विशेषज्ञ होंगे. दूसरे सदस्य होंगे संबंधित संकाय के संकायाध्यक्ष, तीसरे सदस्य संबंधित विभाग के विभागाध्यक्ष होंगे जबकि चौथे सदस्य में अनुसूचित जाति, जनजाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, महिला , दिव्यांग श्रेणी से कोई एक प्रमुख होंगे.
अतिथि शिक्षक की नियुक्ति 11 माह के लिए की जा सकेगी फिर उनके काम के आधार पर अगले 11 माह के लिए चयन समिति सेवा का नवीनीकरण कर सकेगी. UGC द्वारा 28 जनवरी 2019 के पत्र में विश्वविद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के मानदेय में बढ़ोतरी करते हुए उसे प्रति लेक्चर 1500 रुपए और प्रतिमाह अधिकतम 50 हजार रुपए निर्धारित किया है.
बिहार में अब तक वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, पटना विश्वविद्यालय, जेपी विश्वविद्यालय, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय और मगध विश्वविद्यालय में अभी तक अतिथि शिक्षक बहाल नहीं किए गए हैं.













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