23 मार्च को RJD की ओर से प्रदर्शन में हुए पथराव के बाद तेजस्वी-तेजप्रताप समेत 22 लोगों को नामजद बनाया गया। इसमें कई तरह की संगीन धाराओं के अलावा 307 यानी हत्या के प्रयास का मुकदमा भी किया गया है। इन गैरजमानतीय धाराओं में कोर्ट से ही जमानत मिल सकती है।
इसको लेकर 26 मार्च की शाम महागठबंधन के नेताओं की बैठक राबड़ी आवास पर हुई। राजद के वरिष्ठ नेता श्याम रजक ने भास्कर से कहा कि तेजस्वी सहित जगदानंद सिंह, अब्दुलबारी सिद्दीकी और उन पर भी मुकदमा किया गया है, लेकिन वे कोर्ट में जमानत कराने नहीं जाएंगे। सरकार उन्हें गिरफ्तार करे और जेल भेजे। कहा कि महागठबंधन की बैठक में तय हुआ है कि अब करो या मरो वाले तेवर में विपक्ष रहेगा। होली के बाद फिर से एक बैठक होगी और सड़क पर फिर से तेज आंदोलन किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर भी नीतीश को ललकार रहे तेजस्वी
विधानसभा की घटना और विधानसभा मार्च के बाद नेता प्रतिपक्ष सोशल मीडिया पर क्रांतिकारी अंदाज में एक्टिव हैं। उन्होंने दिनकर की कविता तक पोस्ट की। अपने ताजा पोस्ट में तेजस्वी यादव ने लिखा है कि – बेरोजगारों के लिए नौकरी मांगी तो नीतीश कुमार ने हम पर 307 यानी हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज करा दिया। बेरोजगारों, महंगाई, भ्रष्टाचार, विधि व्यवस्था, किसानों और गरीबों के लिए लड़ने से अगर हमें जेल जाना पड़ेगा तो खुशी से जाएंगे। CM साहब ! मैं डरने वालों में से नहीं, संघर्ष हमारे खून में है।
तेजस्वी यादव ने दिनकर की यह कविता पोस्ट की है
मत झुको अनय पर भले व्योम फट जाए
दो बार नहीं यमराज कंठ धरता है
मरता है जो एक ही बार मरता है
पूरी पार्टी कर रही अपने गुस्से का इजहार
सोशल मीडिया पर तेजस्वी यादव के साथ ही उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल का भी गुस्सा दिख रहा है। अंधेर नगर चौपट राजा शीर्षक के साथ RJD ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि जो मुख्यमंत्री विपक्ष के विधायकों को कमरे में बंद करवा, मोबाइल छिनवा गुंडे और पुलिस बुलवाकर विधानसभा में लात, जूतों, मुक्कों, डंडों से पिटवा कर घसीटवाता है, सबके सामने फेंकवाता है, उस पर कोई केस नहीं! मजाक है यह कानून व्यवस्था, यह न्याय व्यवस्था ! मजाक बन गया है लोकतंत्र !













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