बिहार के बेतिया जिले की पु’लिस ने लुटेरों के अंतररा’ष्ट्रीय गि’रोह का भंडा’फोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के पांच अपरा’धियों को भी गिर’फ्तार किया है। इस गि’रोह की संलिप्ता बे’तिया पु’लिस जिले के पांच लूट कांड, हत्या, बगहा पुलिस जिले के तीन लूट’कांड, पूर्वी चंपा’रण के छतौनी में उत्कर्ष स्मॉल फाइ’नेंस से 10 लाख की लूट, शिवम कुमार वर्मा की हत्या और सुगौली के लूट कांड में उजागर हुई है।
एसपी उपेन्द्र नाथ वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों में यूपी के महाराजगंज के कोठीबाग थाने के के फुलव’रिया थाने के सव’नहीपट्टी निवासी एजा’ज अहमद उर्फ रेयाजुद्दीन (55), बगहा के पटखौली निवासी रंजन सिंह (42), बेतिया के चनप’टिया थाने के बगही बनकटवा निवासी शेख नेजामुद्दीन (45) तथा साठी के सिरि’सिया बेलवा निवासी अली हसन उर्फ मुखिया (42) शामिल हैं। इनके पा’स से लूट के 73,500 रुपये, दो कि’लो चरस, नाइन एमएम की पि’स्तौल, एक देसी कट्टा, आठ मोबा’इल व बाइक बरामद हुए हैं।

एसपी ने बताया कि इन अपरा’धियों की गिरफ्ता’री से लूट की घटना पर लगा’म लगेगी। ये लोग साइ’लेंट लुटेरे की तर्ज पर काम करते थे। मोबा’इल से भी बहुत ज्यादा लोगों से संपर्क में नहीं थे। तीन-तीन म’हीने में मात्र दो या तीन बार ही कहीं बात करते थे। इनकी गिरफ्’तारी में एसडीपीओ मु’कुल परिमल पांडेय, नगर थानाध्यक्ष राकेश कुमार भास्कर, मुफ’स्सिल थानाध्यक्ष उग्रनाथ झा, दारोगा मो. अला’उद्दीन, तकनीकी शाखा के प्रभारी राजरुप राय, दारोगा राजेश झा, सिपा’ही निर्भय कुमार, मनीष कु’मार की टीम शामिल थी। जबकि मनुआपुल, बानुछापर, नवलपुर, लौ’रिया, योगापट्टी व सिकटा था’ना की पुलिस भी शामिल थी।
गोपालगंज के व्य’वसायी की हत्या से खुला लुटेरों का राज :
गोपाल गंज के कटेया थाने के बगही बा’जार निवासी व्यव’सायी शफी आलम (40) की हत्या मनुआपुल थाने के जोकहां गांव में रेलवे ढाला के स’मीप गोली मार कर दी गयी। घट’ना दो दिसंबर की दोपहर 3:30 बजे की है। इस मामले में शफी के पिता अन’वारूल हक की शिकायत पर अज्ञात अपरा’धियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गयी थी। एसपी उपेन्द्र नाथ वर्मा ने बताया कि शफी की हत्या के बाद तकनीकी शाखा के अधि’कारी व मनुआपुल थानाध्’यक्ष मा’मले की जांच में जुटे तो एक मो’बाइल का पता चला। उस मोबाइ’ल का लोकेशन बेति’या, बगहा व मोति’हारी में उस दिन था जिस दिन वहां अलग-अलग लूट की घट’नाएं घटी थी। लूट के 10 व हत्या के दो माम’लों के घटनास्थ’ल के पास मोबा’इल का लोकेशन था। जांच में मा’लूम चला कि वह मो’बाइल सै’यद्दीन उर्फ शंकर सिंह उर्फ राहुल का है जो उत्तर प्रदेश के सिसवा बा’जार का रहने वाला था। सैय्यद्दीन को पकड़ा गया तो उसकी निशा’नदेही पर शफी आलम की हत्या में इस्तेमाल नाइन एम’एम का पि’स्तौल बरामद हुआ।
बानुछापर में रह’कर देता था हत्या व लूट को अंजाम :
उत्तर प्रदेश के सि’सवा बाजार का रहने वाला सैय’द्दीन मियां उर्फ शंकर सिंह उर्फ राहुल गिरोह का मुख्य स’रगना था। उसके गिरोह में बगहा का गूंजन सिंह, साठी अलीहसन उर्फ मु’खिया तथा बगही बन’कटवा का शेख नेजा’मुद्दीन शा’मिल था। सैय्यद्दीन अपने मो’बाइल का प्रयोग तभी करता था जब वह लूट की घट’ना को अंजा’म देने के लिए व्यवसा’यियों का फाइनेंस कर्मियों का रेकी कर चुका होता था। बानुछा’पर में मकान लेने के लिए उसने मका’न मा’लिक को अपना नाम शंकर सिंह उर्फ राहुल बताया था। जब’कि उसका असली नाम सैय्य’द्दीन मियां था।









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