बिहार सरकार ने राज्य में आधुनिक परिवहन और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में पटना से बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, आरा और गया तक रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) विकसित करने के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार कराने की मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही पटना स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के विस्तार को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार बिहार में चार प्रमुख रैपिड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। इसके लिए पहले अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट (AAR) और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार किया जाएगा। इस कार्य की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) को सौंपी गई है, जिसने दिल्ली-एनसीआर में रैपिड रेल परियोजनाओं का सफल संचालन किया है।
पटना – मुजफ्फरपुर (हाजीपुर और सोनपुर होकर)
पटना – बेगूसराय
पटना – आरा
पटना – गया
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि यह परियोजना बिहार में तेज, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे क्षेत्रीय संपर्क बेहतर होगा, यात्रा का समय घटेगा और आर्थिक व शहरी विकास को नई गति मिलेगी।
मंत्रिपरिषद ने पटना स्थित AIIMS के विस्तार के लिए दानापुर के भूसौला क्षेत्र में 26.76 एकड़ भूमि के अधिग्रहण को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। इस परियोजना पर करीब 348.90 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार के अनुसार AIIMS के विस्तार से सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं का दायरा बढ़ेगा, मरीजों को एक ही परिसर में अधिक आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी और चिकित्सा शिक्षा व अनुसंधान को भी नई गति मिलेगी। इससे बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक मजबूत एवं प्रभावी होगी।













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