बिहार शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के तबादले को लेकर नई ट्रांसफर नीति जारी कर दी है। नई व्यवस्था के तहत अब शिक्षकों का स्थानांतरण तय नियमों और प्राथमिकता क्रम के आधार पर किया जाएगा। विभाग ने तबादले के लिए कुल 7 श्रेणियां निर्धारित की हैं, जिनके आधार पर शिक्षकों को वरीयता दी जाएगी।
नई नीति का उद्देश्य शिक्षकों को पारदर्शी तरीके से मनचाही जगह पर पोस्टिंग का अवसर देना और जरूरतमंद शिक्षकों को पहले राहत पहुंचाना है। इसके लिए नंबर सिस्टम के आधार पर प्राथमिकता तय की जाएगी।
नई ट्रांसफर पॉलिसी में सबसे ऊपर असाध्य रोग और गंभीर चिकित्सा स्थिति से जूझ रहे शिक्षकों को रखा गया है। ऐसे शिक्षकों के आवेदन पर सबसे पहले विचार किया जाएगा। इसके बाद दिव्यांग शिक्षकों को स्थानांतरण में प्राथमिकता मिलेगी।
पति-पत्नी के आधार पर मिलेगा ट्रांसफर
तीसरे नंबर पर पति-पत्नी के आधार पर तबादले का प्रावधान रखा गया है। यदि पति और पत्नी दोनों सरकारी सेवा में हैं और अलग-अलग स्थानों पर कार्यरत हैं तो उन्हें एक जगह या नजदीकी स्थान पर पोस्टिंग देने को प्राथमिकता दी जाएगी।
इसके बाद विधवा महिला शिक्षकों, कानूनी रूप से अलग रह रही महिला शिक्षकों और एकल अभिभावक शिक्षकों को प्राथमिकता सूची में शामिल किया गया है।
म्यूचुअल ट्रांसफर और समायोजन को भी जगह
नई नीति में पारस्परिक स्थानांतरण यानी म्युचुअल ट्रांसफर को भी शामिल किया गया है। इसके बाद विभागीय जरूरत के अनुसार समायोजन और समानुपातीकरण किया जाएगा।
सबसे आखिर में सामान्य स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यानी जिन शिक्षकों को किसी विशेष प्राथमिकता श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है, उनका तबादला सामान्य प्रक्रिया के तहत होगा।













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