बिहार: मुहर्रम की दसवीं पर औरंगाबाद शहर में गंगा-जमुनी तहजीब और राष्ट्रीय एकता की अनूठी मिसाल देखने को मिली. विभिन्न मोहल्लों से निकले ताजिया जुलूस में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पारंपरिक अलम और “या हुसैन” के झंडों के साथ हाथों में तिरंगा लेकर हिस्सा लिया।


जुलूस के दौरान “सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तां हमारा”, “हम बुलबुले हैं इसकी, ये गुलिस्तां हमारा”, “हिंदुस्तान जिंदाबाद” और “हिंदू-मुस्लिम एकता जिंदाबाद” के नारों से पूरा शहर गूंज उठा.

जुलूस में शामिल लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया. बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों ने सिर पर टोपी तथा हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति का प्रदर्शन किया. शहर के कई स्थानों पर लोगों ने जुलूस का स्वागत किया और सांप्रदायिक सौहार्द की इस मिसाल की सराहना की।









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