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परिवारवाद की राजनीति पर भड़के पीके, कहा- “राजनीतिक परिवार के लोग ही चुनाव लड़ते, जीतते, हारते हैं”

पटना: जन सुराज के शिल्पकार प्रशांत किशोर ने बिहार के राजनीतिक परिवारों पर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया की पिछले 20 वर्षो से बिहार की राजनीति 1200 – 1250 परिवारों के ही इर्द गिर्द घूम रही है और इन्हीं परिवारों से विधायक और सांसद बन रहे हैं।

इन राजनीतिक परिवारों ने यह भ्रम फैला रखा है कि बिहार में राजनीति करनी है तो आपकी जाति के वोट होने चाहिए या फिर आपके पास धन-बल होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया की इन्हीं 1250 परिवार के लोग या तो भाजपा या जेडीयू या राजद में से किसी एक दल से अपनी राजनीति चलाते रहते हैं।

उन्होंने बिहार के उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम लेते हुए बिहार की राजनीति में परिवारवाद किस तरह से हावी है उसका सटीक उदाहरण दिया। उन्होंने बताया की सम्राट चौधरी के पिता शकुनी चौधरी, जब कांग्रेस का राज था तब उसमें विधायक और मंत्री थे, उसके बाद लालू जी के राज में भी वह विधायक और मंत्री थे। उसके बाद लोगों ने लालू जी के जंगल राज को हटाया और नीतीश कुमार के हाथ में सत्ता दी पर हैरानी वाली बात यह है कि शकुनी जी नीतीश सरकार में भी विधायक और मंत्री बन गये।

अब जब बिहार की राजनीति में भाजपा को कुछ ज्यादा सीटें मिलने लग गयी है तब उन्होंने भी शकुनी चौधरी के पुत्र सम्राट चौधरी को ही बिहार का उप-मुख्यमंत्री बनाया है। भाजपा को भी कोई ओर नेता नहीं मिला। इसी तरह बिहार की हर विधानसभा में 4-5 परिवार के लोग ही चुनाव लड़ते, जीतते और हारते हैं।

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