देश-दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) से निपटने के लिए बड़े स्तर पर वैक्सीन (Covid 19 Vaccine) और दवा की खोज हो रही है. अधिकांश देश इस पर रिसर्च कर रहे हैं. इस बीच भारत की काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (CSIR) ने बड़ा दावा किया है. उसके अनुसार जापान और चीन में कोरोना वायरस संक्रमण (Covid 19) के खिलाफ इस्तेमाल की गई एंटीवायरल दवा फेवीपिरविर (favipiravir) भारत में बनने को तैयार है. सीएसआईआर ने दावा किया है कि इसका एंड टू एंड संकलन (Synthesis) किया जा चुका है. यह कोविड 19 के खिलाफ कारगर दिखाई दे रही है.
बातचीत में सीएसआईआर के डायरेक्टर जनरल डॉक्टर शेखर सी मांडे ने बताया कि इस दवा के संबंध में संकलन प्रक्रिया (सिंथेसिस प्रोसेस) को देश की निजी दवा कंपनी और ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को सौंपा जा चुका है. अब वे कोविड 19 संक्रमण के खिलाफ इसकी टेस्टिंग पर फैसला लेंगे.
ऐसा दावा किया गया है कि फेवीपिरविर इंफ्लूएंजा वायरस के खिलाफ काफी कारगर नतीजे दे चुकी है. चीन, जापान, रूस और खाड़ी देशों के अलावा कई अन्य देशों में इसका इस्तेमाल कोरोना वायरस के खिलाफ कारगर दवा के रूप में किए जाने का दावा किया गया है.
मंजूरी के बाद बाजार में आएगी दवा
डॉ. मांडे के मुताबिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत प्रमुख अनुसंधान और विकास संगठन 20 विभिन्न दवाओं के पुन: उपयोग पर काम कर रहा है. इन्हें कोरोना वायरस संक्रमण, डायग्नोस्टिक किट, चिकित्सा उपकरणों में इनोवेशन और वैक्सीन बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है. डॉ. मांडे ने बताया कि फेवीपिरविल दवा के इस्तेमाल और टेस्टिंग के लिए निजी दवा कंपनी और ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया से मंजूरी मिलने के बाद जल्द से जल्द इसे बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा.
सेप्सिवैक का भी शुरू होगा ट्रायल
दूसरी कारगर दवाओं के सवाल पर डॉ. मांडे ने बताया कि हमें ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की ओर से एक और दवा सेप्सिवैक के संबंध में मंजूरी मिली है. हम इसे कुछ गंभीर मरीजों पर ही टेस्ट कर सकते हैं. सेप्सिवैक पहले से ही बाजार में है. इसे बनाने वाली कंपनी कैडिला फार्मास्यूटिकल्स ने दावा किया है कि सेस्पिस मरीजों में इस दवा के इस्तेमाल से मृत्यु दर में 50 फीसदी की कमी आई है.
उन्होंने बताया, ‘हमारा मानना है कि सेप्सिस से बचाव का तरीका और कोविड 19 से बचाव का मैकेनिज्म समान है. ऐसे में हमें दो दिन पहले ही कुछ मरीजों में इसकी टेस्टिंग की मंजूरी मिली है. भोपाल एम्स, दिल्ली एम्स और चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर के साथ हमने बात की है. वे इनका ट्रायल करने में मदद करेंगे.’
MW का भी होगा ट्रायल
डॉ. मांडे के अनुसार उन्हें ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की ओर से माइकोबैक्टीरियम डब्ल्यू (MW) की टेस्टिंग की भी मंजूरी मिल चुकी है. हमें इस दवा के कोविड 19 प्रभावित मरीजों पर ट्रायल की मंजूरी मिल गई है. करीब 600 ठीक हो चुके मरीजों और हाल ही में अस्पताल में भर्ती हुए मरीजों पर इसका ट्रायल होगा.
Source: news18







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