BSEB, Bihar board Matric (10th) Scrutiny 2021 @ biharboardonline.bihar.gov.in: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इस कोरोना काल में सबसे पहले परीक्षा परिणाम जारी कर एक रिकॉर्ड कायम किया है, लेकिन कुछ परीक्षार्थी इसमें कम अंक आने की शिकायत कर रहे हैं। ऐसे बच्चों को समिति ने एक और मौका अपने परिणाम सुधरवाने के लिए दिया है। स्क्रूटनी के माध्यम से यह काम कराया जा सकता है। आवेदन एक या उन सभी विषयों के लिए हो सकता है जिसमें परीक्षार्थी को यह लग रहा हो कि उन्हें अपेक्षा से कम अंक मिले हैं। आवेदन biharboardonline.bihar.gov.in पर कल से किए जा सकते हैं। इसके लिए संबंधित परीक्षार्थी शुल्क का भुगतान करते हुए आवेदन दे सकते हैं।
यूं तो बिहार बोर्ड प्रशासन ने विपरीत समय में देश के सभी शिक्षा बोर्ड से पहले इंटरमीडिए और मैट्रिक परीक्षा का परिणाम जारी कर प्रशंसनीय काम किया है। इस मैट्रिक परीक्षा परिणाम पिछले वर्ष की तुलना में करीब दो फीसद कम आया है। तात्पर्य यह कि इस बार अधिक बच्चे फेल हुए हैं। 78.17 फीसद परीक्षार्थी सफल हुए हैं। यानी कुल 12 लाख 93 हजार 054 विद्यार्थी सफल हुए हैं। 16 लाख 84 हजार परीक्षा में शामिल हुए थे।
असफल बच्चों की शिकायत है कि उन्हें आशा के अनुसार अंक नहीं दिए गए हैं। कुछ ताे ऐसे भी हैं जो सफल तो हो गए हैं लेकिन, उनकी अपेक्षा से कम अंक मिले हैं। ऐसे दोनाें ही श्रेणी के परीक्षार्थी 11 से 17 अप्रैल के बीच बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर जाकर स्क्रूटनी के लिए आवेदन दे सकते हैं। सभी काम आॅनलाइन ही होने हैं। इसके लिए शुल्क देना होगा। यह इस बात पर भी निर्भर करेगा कि परीक्षार्थी कितने विषयों के लिए स्क्रूटनी का आवेदन देते हैं। इसकी सूचना बोर्ड की ओर से पूर्व में ही सभी स्कूलों को भी दे दी गई थी। हालांकि ऑनलाइन आवेदन किए जाने के कारण स्कूल जाने की जरूरत नहीं है। घर से भी आवेदन दे सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्क्रूटनी के लिए आए आवेदन के अनुसार कॉपी की जांच की जाएगी। यदि किसी परीक्षार्थी के दावे सही पाए जाते हैं तो उसके परीक्षा परिणाम में सुधार कर दिए जाएंगे। गौरतलब है कि वर्ष 2020 में 80.59 फीसद बच्चे पास हुए थे। जबकि उस वर्ष केवल 14 लाख 94 हजार 071 परीक्षार्थी इसमें शामिल हुए थे। उसके भी पहले यह प्रतिशत और भी बेहतर था।











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