शुक्रवार को क्राइसिस ग्रुप के साथ मुख्यमंत्री की बैठक के बाद राज्य में जो बंदिशे लगाई गई थी, उस पर शनिवार से अम्ल होता दिखाई दे रहा है.
कोरोना संक्रमण के बढ़ते आतंक को देखते हुए राज्य सरकार ने 30 अप्रैल तक मंदिर, मस्जिद ,गुरुद्वारा जैसे धर्मस्थलों को तत्काल प्रभाव से आम लोगो के लिए बंद कराने का फैसला लिया है.
उक्त आदेश के आलोक में शनिवार को राजधानी पटना का ऐतिहासिक महावीर मंदिर बंद पाया गया. बावजूद इसके मंदिर आये श्रद्धालु परिसर के बाहर पूजा-अर्चना करते देखते गए.
इस दौरान प्रसाद खरीददारी से लेकर पूजा करने तक श्रद्धालु कोविड प्रोटोकॉल की धज्जियाँ उड़ाते देखे गए. ऐसे में सवाल यह है कि क्या आस्था के नाम पर जानलेवा वायरस को निमंत्रण देना कहाँ तक ठीक है.











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