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बिहार में रिकवरी से तीन गुना हुई संक्रमण दर:24 घंटे में 553 ठीक हुए तो 1527 हो गए पॉजिटिव, फुल हो रहे बेड

बिहार में रिकवरी से तीन गुना संक्रमण दर बढ़ रही है। 24 घंटे में 553 को अस्पताल से छुट्‌टी मिली तो इतनी ही देर में 1527 पॉजिटिव हो गए। कोरोना का कहर ऐसे ही जारी रहा तो इलाज के लिए बेड कम पड़ जाएंगे। हर दिन छुट्टी पाने वाले मरीजों से 3 गुना अधिक मरीज संक्रमित हो रहे हैं। दूसरी लहर में कोरोना का अटैक काफी घातक बताया जा रहा है, ऐसी स्थिति में अगर 50 प्रतिशत मरीजों को ही हॉस्पिटल में एडमिट होने की जरूरत पड़ी तो हालात काफी विकट हो जाएंगे। पटना AIIMS से लेकर प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ रही है, जिससे बेड फुल हो रहे हैं।

गया में हुआ कोरोना विस्फोट, कम पड़ गए बेड

गया में बुधवार को 128 नए मामले आए। संक्रमितों की संख्या बढ़ते ही बेड की चिंता शुरू हो गई है। गया स्थित मगध मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में मात्र 20 बेड हैं, जिनमें 18 भरे हैं। बुधवार को जिस तरह से मरीजों की संख्या बढ़ी है, इनमें से लोगों को हॉस्पिटल में इलाज की जरूरत पड़ी तो बेड की किल्लत हो जाएगी। गया में तेजी से मामले बढ़ रहे हैं। संक्रमितों के आंकड़े की जो रफ्तार है, वह डराने वाली है। ऐसे में अब हर किसी को अस्पताल में इलाज के लिए बेड खाली नहींं होने की चिंता सता रही है।

AIIMS में बेड फुल होने से नए मरीजों को समस्या

पटना AIIMS में बेड मरीजों से फुल हैं। चार दिनों से यही हालत है। इससे नए मरीजों को काफी समस्या हो रही है। बुधवार को 9 नए संक्रमित भर्ती हुए हैं और डिस्चार्ज होने वाले मरीजों की संख्या मात्र 3 रही। ऐसे में कोविड वार्ड पर लगातार लोड बढ़ता जा रहा है। बुधवार को AIIMS में कुल 116 मरीज भर्ती थे। पटना AIIMS में हर दिन मरीजों की संख्या बढ़ने से मुश्किल बढ़ रही है। नए मरीजों को एडमिट करने में हर दिन मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। इसमें डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ भी पॉजिटिव हो रहे हैं। बुधवार को 4 रेजिडेंट डॉक्टर और 4 नर्सों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनकी हालत बिगड़ी तो इन्हें भी AIIMS में भर्ती किया जाएगा। ऐसे में नए मरीजों के लिए आने वाला समय चुनौतियों भरा हो सकता है।

प्राइवेट अस्पतालों में भी तेजी से बढ़ रहे मरीज

पटना के प्राइवेट अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पारस और रूबन के साथ अन्य निजी अस्पतालों में जहां कोरोना का इलाज होता है, वहां मरीजों की संख्या में हर दिन बढ़ोत्तरी हो रही है। सामान्य वर्ग के लोगों में भी जिसकी हालत गंभीर हो रही है और AIMS में एडमिट नहीं हो पा रहे हैं, उन्हें निजी हॉस्पिटल का सहारा लेना पड़ रहा है। मरीजों की संख्या ऐसे ही बढ़ती रही तो आने वाले दिनों में निजी अस्पतालों में भी बेड का संकट होगा।

PMCH और NMCH में भी बढ़ रहे मरीज

पटना मेडिकल कॉलेज और नालंदा मेडिकल कॉलेज में हर दिन मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बुधवार को पटना में 522 नए संक्रमित मिले हैं। अगर इन मरीजों को हॉस्पिटल में एडमिट होने की आवश्यकता पड़ी तो उन्हें इन दोनों मेडिकल कॉलेजों में जाना पड़ सकता है। नालंदा मेडिकल कॉलेज को कोरोना की पहली लहर में डेडिकेटेड हॉस्पिटल बनाया गया था। इस बार 100 बेड की व्यवस्था है। मरीजों की संख्या भी दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। बुधवार को 29 मरीज भर्ती थे और मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। PMCH में भी 100 बेड हैं, लेकिन यहां 50 प्रतिशत बेड फुल हैं। PMCH के कोरोना नोडल डॉ अरुण अजय का कहना है कि मरीजों की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है। बेड की संख्या 100 कर दी गई। भविष्य में इसे और बढ़ाया जा सकता है।

भागलपुर में 136 में से 64 बेड फुल

भागलपुर के मायागंज अस्पताल में उपलब्ध बेडों में से आधे फुल हो चुके हैं। कोविड मरीजों के लिए ICU और Isolation मिलाकर कुल बेड़ों की संख्या 136 है, जबकि उन बेड़ों पर भर्ती मरीजों की संख्या 64 है। इस बात की जानकारी मायागंज अस्पताल के मैनेजर सुनील गुप्ता ने दी।

प्रदेश में कोरोना वार्ड बनाकर बेड बढ़ाने की तैयारी

पटना से लेकर प्रदेश के अन्य जिलों में कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए व्यवस्था बनाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग प्रदेश में कोरोना संक्रमितों के इलाज का प्लान तैयार कर रहा है। प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने इस मामले में पूरी जानकारी मांगी है। पटना में ESIC हॉस्पिटल में 500 बेड बढ़ाने की तैयारी चल रही है। DM डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने ESIC हॉस्पिटल का निरीक्षण भी किया है। कंगन घाट में भी 200 बेड के अस्पताल की तैयारी चल रही है। विभाग में प्राइवेट अस्पतालों को फिर से कोविड के लिए रिजर्व करने को लेकर भी मंथन चल रहा है।

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