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शिक्षिका-सेविकाओं काे डीएम की पाती:अपने बच्चे की तरह एईएस पीड़ितों का रखें ख्याल, अभिभावकाें काे भी जागरूक करें

जिले में वर्षाें से गर्मी के सीजन में एईएस बच्चाें के लिए जानलेवा बनकर आती है। हर वर्ष काफी संख्या में मासूम पीड़ित हाे जाते हैं। कई की माैत भी हाे जाती है। ऐसे में शिक्षिका-आंगनबाड़ी सेविकाएं अपने स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्र के ही बच्चाें का नहीं, बल्कि अपने घर और माेहल्ले के बच्चाें का भी ध्यान रखें। एईएस-चमकी बुखार पीड़ित बच्चाें का अपने बच्चे की तरह ख्याल करें।

इस बीमारी से बचाव के लिए अभिभावकाें काे जागरूक करने में अपना महत्वपूर्ण याेगदान दें। डीएम ने ये पाती जिले की सभी स्कूली शिक्षिका व आंगनबाड़ी सेविकाओं के नाम लिखी है। मंगलवार से यह खत उन्हें भेजा जाने लगा। 2-3 दिनाें में सभी शिक्षिका-आंगनबाड़ी सेविकाओं काे यह पत्र पहुंच जाएगा। डीएम ने मंगलवार काे एईएस की समीक्षा बैठक में यह खत भेजे जाने की चर्चा की।

एईएस पीड़ित बच्चों के शीघ्र इलाज को ग्रामीण प्रैक्टिशनरों की लगी पाठशाला
मुजफ्फरपुर | 
एईएस से बचाव और बीमार बच्चाें के त्वरित इलाज के लिए मंगलवार काे ग्रामीण प्रैक्टिशनराें की ऑनलाइन पाठशाला लगी। इसमें चिह्नित 1048 में 978 ग्रामीण प्रैक्टिशनर शामिल हुए। सबकाे एईएस प्राेट्राेकाॅल की जानकारी दी गई। डीएम प्रणव कुमार ने सबकाे एक साथ ऑनकाॅल पर लेकर कहा कि बीमार बच्चे काे फाैरन अस्पताल पहुंचाना ही सबसे जरूरी टास्क है।

यदि किसी चमकी-बुखार के लक्षण वाले बच्चे का पता चलता है, ताे उनका इलाज न कर तुरंत नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाए। इसके लिए हर गांव से एक-एक एंबुलेंस की टैगिंग की गई है। यदि टैगिंग वाले एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हाें ताे किसी निजी वाहन से निकट के पीएचसी ले जाना है, जिसका किराया सरकार की ओर से दिया जाएगा। डीएम ने प्रैक्टिशनराें से कहा कि एईएस के जंग में वे प्रशासन के साथ मिलकर मासूमाें की जान बचाने के लिए आगे आएं।

दीवारों पर स्लाेगन लिखने को 10 अप्रैल डेडलाइन
जिले के सभी विद्यालयाें की दीवार पर चमकी काे धमकी देेने का शपथ पत्र लिखने के लिए डेडलाइन 10 अप्रैल तय कर दी गई है। कार्यपालक निदेशक मनाेज कुमार के पत्र के आलोक में डीएम ने तय तिथि के भीतर हर हाल में दीवार लेखन कराने का निर्देश दिया है।

दीवाराें पर लिखना है खिलाओ, जगाओ, लक्षण दिखे ताे फाैरन अस्पताल ले जाओ खिलाओ- रात में साेने से पहले बच्चे काे भरपेट खाना जरूर खिलाएं। जगाओ- सुबह-सुबह जगाएं और गाैर करें कि वह पूरी तरह ठीक है। अस्पताल ले जाओ- बच्चे में बेहाेशी-चमकी या मिलता-जुलता कोई लक्षण दिखे तो तत्काल आशा से संपर्क कर अस्पताल ले जाएं।

  • सावधानियां : बच्चों को तेज धूप से बचाएं, उन्हें दिन में दाे बार स्नान कराएं, रात में भरपेट खना खिला कर ही सुलाएं, गर्मी और उमस भरे दिन में ओआरएस अथवा नींबू-पानी-चीनी का घाेल पिलाएं।

अफसरों की टीम ने रात में लिया पीएचसी का जायजा
​​​​​​​मुजफ्फरपुर | डीएम प्रणव कुमार के निर्देश पर जिले के सभी पीएचसी में बने एईएस विशेष वार्ड का मंगलवार रात अधिकारियों की टीम ने जायजा लिया। सीएस डॉ एसके चौधरी के नेतृत्व में बनी टीम ने जिले के सभी पीएचसी का जायजा लिया। एईएस वार्ड में दवा, ग्लूकोमीटर समेत प्रोटोकॉल के अनुसार अन्य संसाधन, चिकित्सक व पारा मेडिकल स्टाफ का रोस्टर देखा। कुछ जगह चिकित्सक नहीं मिले। वहां के प्रभारी से शो काॅज मांगा गया है। हालांकि, अधिकतर जगह सब ठीक मिला।

पीएचसी में रोस्टर के अनुरूप उपस्थिति पंजी देखी : मड़वन | वरीय प्रभारी शहला मुस्तफा ने पीएचसी का जायजा लिया। इस दौरान डाॅक्टर व स्टाॅफ रोस्टर के अनुरूप उपस्थिति पंजी देखी। उसके बाद डाॅक्टर रूम, एईएस रूम, लेबर रूम, अस्पताल परिसर, कोविड जांच घर, एईएस इलाज रूम सहित सभी जगहों का निरीक्षण किया। सभी बिंदुओं पर जानकारी लेकर पड़ताल की।

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