new education policy : जिले के छात्रों के लिए अच्छी खबर है। नई शिक्षा नीति के तहत छात्रों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए वेबसाइट शिक्षा दी जाएगी। अब बच्चे अन्य विषयों के अलावे वेबसाइट शिक्षा भी प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए जिले में एक स्कूल को चिन्हित किया गया है। जिला हाईस्कूल में पढ़ाई की व्यवस्था की जा रही है। विभाग द्वारा करीब सात लाख रुपये भी उपलब्ध कराया गया है।
मोटरयान, रिटेल मार्केटिंग की होगी पढ़ाई
डीपीओ एसएसए प्रवीण कुमार ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत छात्रों को रोजगार का अवसर मिले, सभी जिले के एक एक स्कूल में वेबसाइट शिक्षा देने की व्यवस्था की गई है। इसी कड़ी में शहर के प्लस टू उच्च विद्यालय अररिया को चिन्हित किया गया है। पढ़ाई शुरू करवाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। नई नीति के तहत छात्रों को अन्य विषयों के अलावे यहां रिटेल मार्केटिंग और मोटरयान की पढ़ाई कराई जाएगी। पढ़ाई से संबंधित सामग्री की खरीदारी की जा रही है। इस राशि से पुरानी गाड़ी भी खरीदनी है। ताकि बच्चों को पार्टस पुर्जे की जानकारी दी जा सके। इसके अलावे रिटेल मार्केटिंग के बारे में भी बच्चों को बताया जाएगा।
कैसे होगी पढ़ाई
वेबसाइट शिक्षा प्राप्त करने वाले इच्छुक बच्चों से आवेदन प्राप्त किया जाएगा। ऐसे बच्चे जो इस कोर्स की पढ़ाई करना चाहते हैं उनका नामांकन किया जाएगा। प्रशिक्षित शिक्षकों के द्वारा पढ़ाई कराई जाएगी। कोर्स पूरा होने के बाद उन्हें प्रमाण पत्र दिया जाएगा। ताकि ऐसे बच्चे सरकारी व गैरसरकारी संस्था में रोजगार पा सकेंगे। इतना ही नहीं वे अपना रोजगार भी पैदा कर सकेंगे।
बड़ी बड़ी कंपनियों में मिलेगा रोजगार
डीपीओ ने बताया कि नई व्यवस्था का मुख्य मकसद है कि रिटेल पैटर्न धीरे-धीरे बिजनेस के सभी बड़े सेक्टरों में प्रवेश कर रहा है। आने वाले समय में इन कोर्सों से अलग अलग सेक्टर में जॉब की बेहतरीन संभावनाएं हैं। तेजी से खुल रहे शॉपिंग सेंटर, मल्टी स्टोरी मॉल्स आदि में रोजगार के अवसर मिलेगें। रिटेल मार्केटिंग का कोर्स ग्लोबल इकोनॉमी का हिस्सा बनता जा रहा है। इसलिए बाकायदा एक पाठय़क्रम का रूप दिया गया है। इसी प्रकार मोटरयान की जानकारी से बड़े कंपनियों में आसानी से बच्चों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सकेेगा। बेवसाइट शिक्षा के लिए राशि उपलब्ध हो गई है। बहुत जल्द जिला हाइस्कूल में बेवसाइट शिक्षा की पढ़ाई शुरू कराई जाएगी। इसकी तैयारी जोर शोर से चल रही है। प्रवीण कुमार, डीपीओ एसएसए अररिया।











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