Press "Enter" to skip to content

जमुई का सिमुलतला स्‍कूल जो गढ़ता है टॉपर्स, यूं ही नहीं कहा जाता टॉपर्स फैक्‍ट्री

BSEB, Bihar Board Result Topper बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (Bihar School Examination Board) सोमवार को 10वीं (मैट्रिक) की परीक्षा का रिजल्‍ट जारी कर रहा है। जब भी बिहार बोर्ड के रिजल्ट की बात होती है, जमुई के सिमुलतला आवासीय विद्यालय (Simultala Residential School) का नाम जरूर सामने आता है। इस स्‍कूल के विद्यार्थियों ने साल 2015 से लगातार बिहार बोर्ड की परीक्षाओं के टॉप 10 में जगह बनाई है। ऐसे में आश्‍चर्य नहीं कि बिहार के इस स्कूल को टॉपर्स की फैक्‍ट्री (Topper’s Factory) भी कहा जाता है। इस साल भी बिहार बोर्ड की मैट्रिक की परीक्षा में टॉप 10 में सिमुलतला के कितने विद्यार्थी रहते हैं, इसपर नजरें टिकीं हैं। सवाल यह है कि यहां कैसे मिलता है प्रवेश और कैसे गढ़े जाते हैं टॉपर्स?

स्‍कूल 2015 से लगतार दे रहा बिहार बोर्ड के टॉपर्स
सिमुलतला स्‍कूल को टॉपर्स की फैक्‍ट्री भी कहा जाता है। यह स्‍कूल साल 2015 से लगातार टॉपर्स दे रहा है। 2015 में तो यहां के 19 विद्यार्थी 96 फीसद अंक के साथ टॉप 10 की लिस्‍ट में शामिल रहे थे, जो किसी सकूल के लिए बिहार बोर्ड का अब तक का रिकार्ड है। 2018 व 2019 में बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा के टॉप-10 में स्‍कूल के 16-16 विद्यार्थी शामिल थे। साल 2018 में टॉप तीन स्थानों पर तो साल 2019 में पहले पांच स्थानों पर सिमुलतला स्‍कूल का कब्‍जा रहा था। साल 2020 में भी यहां के तीन विद्यार्थी टॉप 10 में जगह बनाने में सफल रहे थे।

सिमुलतला के टॉपर्स, एक नजर…
2015: टॉपर रहे कुणाल जिज्ञासु व नीरज रंजन को 487 अंक (97.4 फीसद) मिले थे। स्‍कूल के 19 विद्यार्थी 96 फीसद अंकों के साथ पास रहे थे, जो बोर्ड का अब तक का रिकार्ड है।
2016: टॉपर बबीता कुमारी व त्रिष्‍या तन्‍वी ने 96.6 फीसद अंक मिले थे।
2017: टॉपर रहे प्रेम कुमार सिंह सिमुलतला के नहीं थे। सेकेंड टॉपर भाव्‍या (92.8 फीसद) एवं थर्ड टॉपर हर्षिता (92.4 फीसद) सिमुलतला स्‍कूल की थीं।
2018: टाॅपर प्रेरणा राज को 91 फीसद अंक मिले थे। सिमुलतला से ही सेंकेंड टॉपर प्रज्ञा व शिखा तथा थर्ड टॉपर अनुप्रिया थीं। टॉप 10 में स्‍कूल के 16 विद्यार्थी थे। टॉप 10 में शामिल सभी नौ छात्राएं इसी सकूल की थीं।
2019: टॉपर सावन राज भारती को 97.2 फीसद अंक मिले थे। यहीं के रौनित राज (96.6 फीसद) सेकेंड टॉपर तथा प्रियांशु राज (96.2 फीसद) थर्ड टॉपर रहे थे। सिमुलतला स्‍कूल के आदर्श रंजन, आदित्य राय व प्रवीण प्रखर (सभी 96 फीसद) चौथे स्थान पर रहे थे तो हर्ष कुमार (95.8 फीसद) को पांचवा स्‍थान मिला था। छठे व नौवें स्‍थान को छोड़कर टाॅप 10 में शामिल सभी 18 विद्यार्थियों में से 16 सिमुलतला स्‍कूल के हीं थे।
2020: पहली बार सिमुलतला पिछड़ा। हालांकि, पिछड़कर भी टॉप 10 में यहां के तीन छात्रों को जगह मिली। रंजन ने 474 अंकों के साथ सातवां, बमबम कुमार ने 473 अंकों के साथ आठवां तथा रोहित कुमार ने 471 अंकों के साथ 10वां स्‍थान प्राप्त किया।

सीएम नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्‍ट है स्‍कूल
प्राचार्य डॉ. राजीव रंजन बताते हैं कि यह स्‍कूल साल 2000 में स्‍थापित यह स्कूल मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्‍ट है। बिहार विभाजन के बाद नेतरहाट आवासीय विद्यालय (रांची) तथा इंदिरा गांधी आवासीय विद्यालय (हजारीबाग) झारखंड में चले गए। उसी समय से बिहार में वैसी उच्‍च गुणवत्‍ता वाले स्‍कूल की कमी खल रही थी। मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर मिनी शिमला कहे जाने वाले जमुई के सिमुलतला में जंगलों व पहाड़ियों के बीच सिमुलतला आवासीय विद्यालय की स्‍थापना की गई। मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने इसका उद्घाटन किया।

गुरुकुल पद्धति पर अंग्रेजी माध्‍यम में पढ़ाई
प्राचार्य के अनुसार इस स्‍कूल में वर्ग छह में कुल 60 सीटों पर एडमिशन होता है। इसके लिए एडमिशन टेस्‍ट बिहार बोर्ड ही लेता है। यहां गुरुकुल पद्धति पर आधारित सह शिक्षा (Co-Education) वाली पूर्णत: आवासीय पढ़ाई होती है। पढ़ाई का माध्‍यम अंग्रेजी है। पुस्‍तकें बिहार स्टेट टेक्स्ट बुक्‍स और एनसीईआरटी की रहतीं हैं।

शिक्षक हर वक्‍त गाइड करने के लिए मौजूद
प्राचार्य बताते हैं कि बच्‍चे सुबह 4.30 बजे उठ कर व्‍यायाम व प्रार्थना आदि करते हैं। फिर, आठ बजे से दो बजे दिन तक पढ़ाई के बाद ब्रेक रहता शाम 6.30 से रात 9.30 बजे तक सेल्‍फ स्‍टडी कर रात 10 बजे बच्‍चे सोने चले जाते हैं। पढ़ाई के दौरान कभी भी कोई समस्‍या आए तो शिक्षक हर वक्‍त गाइड करने के लिए मौजूद रहते हैं। पढाई के साथ को-करिकुलर एक्टिविटीज पर भी पूरा ध्‍यान दिया जाता है।

अब आज के मैट्रिक रिजल्‍ट पर टिकी नजर
सोमवार को बिहार बोर्ड मैट्रिक का रिजल्‍ट जारी करने जा रहा है। इसके साथ एक बार फिर नजरें इस स्‍कूल पर टिक गईं हैं। स्‍कूल के प्राचार्य कहते हैं कि यहां के कम-से-कम एक दर्जन विद्यार्थी टॉप 10 में जगह बनाने में सफल रहेंगे।

Share This Article
More from BIHARMore posts in BIHAR »

Be First to Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *