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बिहार: राजगीर ग्लास स्काईवाक के लिए उमड़े पर्यटक, भीड़ के चलते अब एक दिन में 800 लोग ही जा सकेंगे

बिहार के नालंदा के राजगीर में हाल ही में बना ग्लास स्काईवाक इन दिनों राज्यवासियों के लिए हॉट केक बना हुआ है। पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग इसे लेकर उत्साहित भी है मगर भीड़ का बढ़ता दबाव अधिकारियों को चिंतित कर रहा है। एक दिन में इस ग्लास स्काईवाक की जितने लोगों की क्षमता है, उससे तीन-चार गुना अधिक लोग इसे देखने के लिए जुट रहे हैं। इसे देखते हुए अब फैसला किया गया है कि एक दिन में सिर्फ 800 लोग ही ग्लास स्काईवाक पर जाने का लुत्फ उठा सकेंगे।

बीते दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नेचर सफारी और ग्लास स्काईवाक का उद्घाटन किया था। यह शानदार ग्लास स्काईवाक इन दिनों राज्य के लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। इस ब्रिज को देखने के लिए नेचर सफारी में भारी भीड़ उमड़ रही है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो हर दिन तकरीबन ढाई से तीन हजार लोग इसे देखने पहुंच रहे हैं। हालांकि, उसकी क्षमता एकबार में लगभग 15 से 17 लोगों का वजन लेने की है। मगर, ऐहतियात के तौर पर वहां एक बार में 10 लोगों को ही जाने दिया जाता है।

राजगीर के इस ग्लास स्काईवाक पर जो लोग जाते हैं वो वहां 10-15 मिनट रुकते हैं। फोटो खिंचाते हैं। इस लिहाज से सुबह से शाम तक करीब 800 लोग ही जा सकते हैं। इसे देखते हुए अब वहां व्यवस्था बदलने का फैसला किया गया है। सोन भंडार के पास ही भीड़ को रोका जा रहा है। वहां से बस द्वारा लोगों को ग्लास स्काईवाक ब्रिज तक पहुंचाया जा रहा है। अब पहले आने वाले 800 लोगों को ही ग्लास स्काईवाक देखने का मौका मिलेगा।

25 प्रतिशत टिकट होंगे ऑनलाइन
ग्लास स्काईवाक बेहद शानदार है। इसे देखने दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे में लोगों की सुविधा के लिए 25 प्रतिशत टिकट ऑनलाइन किए जाने की तैयारी है। यानि हर दिन यहां आने वाले 800 लोगों में से करीब 200 लोग ऑनलाइन टिकट लेकर पहुंचेंगे।

इस संबंध में पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि ग्लास स्काईवाक लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है मगर उसकी भी अपनी क्षमता है। पहले आने वाले 800 लोग हर दिन इसे देख सकेंगे। बाकी लोगों के देखने के लिए भी वहां बहुत कुछ है।

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