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एक बार फिर अहम मोड़ पर आ पहुंचे लालू यादव… राजद समर्थक बेचैन..

बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव एक तरफ गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ चारा घोटाले के अलग-अलग मामलों में गिरते-संभलते अब वे अहम पड़ाव पर आ पहुंचे हैं। चारा घोटाले के अबतक के सबसे बड़े डोरंडा कोषागार मामले में जल्‍द ही सजा का एलान होना है। ऐसे में राजद खेमे, लालू परिवार और लालू समर्थकों की बेचैनी बढ़ गई है। इस मामले में भी लालू को अदालत से सजा सुनाए जाने की पूरी संभावना है। लालू अभी चारा घोटाले के चार मामलों के सजायाफ्ता हैं। और इन्‍हीं मामलों के साक्ष्‍य और गवाही को उन्‍होंने डोरंडा कोषागार मामले में भी एडाप्‍ट किया है। ऐसे में माना जा रहा है कि कोर्ट पुराने मामलों सरीखी सजा इस मामले में भी सुना सकता है।

लालू को फिलहाल चारा घोटाले के दुमका कोषागार मामले में जमानत नहीं मिली है। जबकि चाईबासा कोषागार के दो मामले और देवघर कोषागार के एक मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने उन्‍हें पहले ही जमानत दे दी है। दुमका कोषागार मामले में लालू ने कुल सजा अवधि की आधी सजा काटने की बिना पर जमानत की मांग की थी, लेकिन आधी सजा में दो माह समय कम पड़ने पर उच्‍च न्‍यायालय ने उनकी जमानत याचिका रद कर दी।

इधर, शुक्रवार को लालू प्रसाद यादव से जुड़े अब तक के सबसे बड़े चारा घोटाला में सुनवाई टल गई है। डोरंडा कोषागार से 139.5 करोड़ रुपये अवैध निकासी मामला कांड संख्या आरसी 47/96 में छह अप्रैल को सीबीआई कोर्ट ने सुनवाई हेतु तिथि निर्धारित की थी लेकिन सात अप्रैल तक फिजिकल सुनवाई पर रोक के कारण सुनवाई टल गई है। केवल वर्चुअल तरीके से ही सुनवाई होगी। ऐसे में फिजिकल कोर्ट नहीं रहने से लालू प्रसाद यादव के मामले की सुनवाई नहीं होगी।

लालू यादव से जुड़ा यह केस अभी अहम मोड़ पर है। अभियोजन पक्ष की ओर से बहस चल रही है। कोरोना संक्रमण का रफ्तार अगर नहीं रुका तो एक बार फिर चारा घोटाला की सुनवाई बाधित हो सकती है। विशेष लोक अभियोजक बीएमपी सिंह ने कहा कि फिर सुनवाई कब होगी यह आठ के बाद ही कोर्ट तय करेगी।

बता दें कि कोरोना संक्रमण के कारण करीब नौ माह तक कोर्ट का कामकाज वर्चुअल चल रहा था। इस कारण घोटाले में सुनवाई नहीं हो रही थी। जनवरी से एक चौथाई कोर्ट फिजिकल हुआ तो घोटाले की सुनवाई शुरू हुई। सीबीआई के विशेष जज एसके शशि की अदालत ने सुनवाई हेतु सप्ताह में दो दिन मंगलवार और शुक्रवार की तिथि निर्धारित की है। ज्ञात हो कि डोरंडा कोषागार से जुड़े इस मामले में लालू प्रसाद यादव सहित 110 आरोपित ट्राइल फेस कर रहे हैं।

पांच अप्रैल से माॅर्निंग चलेगा कोर्ट
प्रत्येक साल की भांति इस साल भी पांच अप्रैल से रांची सिविल कोर्ट मॉर्निंग हो जाएगा। कोर्ट की अवधि सुबह 7.30 बजे से 12.30 बजे तक होगी। यह व्यवस्था जून के अंतिम शनिवार तक बनी रहेगी। बता दें कि इसको लेकर न्यायायुक्त नवनीत कुमार के निर्देश पर अधिसूचना जारी कर दी गई है।

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