ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के जेनरल सेक्रेटरी और इमारत-ए-शरिया बिहार, झारखंड और ओड़िशा के अमीर-ए-शरियत वली रहमानी का निधन हो गया है। वे बेली रोड स्थित एक बड़े अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जानकारी के अनुसार उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। 80 साल के मौलाना रहमानी ने 18 मार्च को ही IGIMS में कोरोना वैक्सीन की पहली डोज ली थी। उनके निधन पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गहरा दुख जताया है। बिहार सरकार में उद्योग मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने भी मौलाना रहमानी के इंतकाल पर गहरा दुख प्रकट किया है।
15 दिनों से थे बीमार
मौलाना वली रहमानी 15 दिनों से बीमार चल रहे थे। उनके निधन के बाद उनकी डेड बॉडी को फुलवारीशरीफ के इमारत-ए-शरिया लाया गया, जहां उनका एक बेटा उनके साथ था l उनके परिवार के सदस्य ने बताया कि उनकी एक बेटी और एक बेटा, जो विदेश में रहकर काम कर रहा है, उन्हें उनके पिता के इंतकाल की सूचना दी गई है l अमीर-ए-शरियत वली रहमानी के इंतकाल के बाद पूरे इमारत में गम का माहौल है।
बड़े इस्लामी स्कॉलर थे रहमानी
मौलाना रहमानी इमारत-ए- शरिया के अमीर-ए-शरियत के साथ-साथ रहमानी 30 के संस्थापक और खानकाह रहमानी, मुंगेर के सज्जादानशीं भी थे। मौालाना रहमानी बिहार विधान परिषद के सदस्य (MLC) भी रह चुके हैं। अमीर-ए-शरियत मौलाना रहमानी देश ही नहीं, दुनियाभर में इस्लामी स्कॉलर के रूप में जाने जाते हैं। त्रिपल तलाक और बाबरी मस्जिद सहित कई मामलों में उन्होंने मुस्लिम समाज की राहनुमाई की थी।
पूर्व CM मांझी सहित कई ने जताया शोक
मौलाना रहमानी के इंतकाल पर पूर्व CM जीतन राम मांझी ने गहरा शोक जताया है। SC/ST कल्याण एवं लघु जल संसाधन विभाग के मंत्री संतोष मांझी, HAM प्रवक्ता डॉ दानिश रिजवान ने भी गहरा शोक जताया है।











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