ऐसे वक़्त में जब हड्डी सम्बन्धी छोटी समस्याओं के लिए भी अधिकतर मेडिकल संस्थान सर्जरी रहित ऑपरेशन की सलाह देते है. तब बिहार के मुज़्ज़फ़्फ़रपुर स्थित आर०डी०जे०एम० अस्पताल ने एक व्यक्ति के तीन टुकड़ो में बंटी कलाई के हड्डी को बिना ची’ड़-फा’ड़ के ऑपरेशन कर कमाल कर दिया है.
पूरा मामला मुजफ्फरपुर के तुर्की इलाके स्थित आर्यभट ज्ञान विश्वविद्यालय से सम्बंधता प्राप्त आर०डी०जे०एम० मेडिकल कॉलेज व अस्पताल से जुड़ा है. जहाँ एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति अपनी टूटे हुए बाएं कलाई का इलाज कराने आये थे.
प्रारंभिक जाँच में अस्पताल के डॉक्टर्स को पता चला कि वीर बहादुर प्रसाद के बाईं कलाई की हड्डी तीन टुकड़ों में बंट गई है. ऐसे में अंग के उपयोगिता को देखते हुए डॉक्टर्स को इसका ऑपरेशन करना अनिवार्य लगा जोकि सामान्य तौर पर ची’ड़-फा’ड़ के साथ ही संभव है.
लेकिन आर०डी०जे०एम० अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने मरीज के उम्र और डायबिटीज से ग्रसित होने को ध्यान में रखते हुए बिना ची’ड़-फा’ड़ और बेहोश किये ही ऑपरेशन का फैसला किया. प्रक्रिया शुरू हुई और बिना ची’ड़-फा’ड़ और मरीज को बे’होश किये महज 15 मिनट में ही ऑपरेशन सफल भी हो गया.

इस सब के बीच ख़ास बात यह रही कि इसके लिए आर०डी०जे०एम० अस्पताल ने मरीज से एक भी रुपया बतौर शुल्क नहीं लिया. अस्पताल के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉक्टर राजकृष्ण ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि हम यहाँ इस तरह की तमाम चिकत्सीय सुविधा मुफ्त में मुहैया करा रहे है.
उधर, बिना सर्जरी के सफल ऑपरेशन से प्रसन्न मरीज वीर बहादुर प्रसाद ने अस्पताल का आभार जताते हुए कहा कि इलाज की पूरी प्रक्रिया के दौरान उनसे किसी तरह के कोई शुल्क की मांग नहीं की गई.










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