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एनपीजीसी से अब बिहार को मिलेगी 1120 मेगावाट बिजली, कुछ दिनों में अव्‍वल बन जाएगा राज्‍य

देश की प्रमुख ऊर्जा उत्पादक कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी नवीनगर पावर जनरेटिग कंपनी (NPGC) से अप्रैल माह में बिहार को 1120 मेगावाट बिजली मिलने लगेगी। एनपीजीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि परियोजना की दूसरी इकाई से 660 मेगावाट बिजली का वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हो जाएगा। बता दें कि परियोजना से 660 मेगावाट की एक इकाई से वर्ष 2019 से वाणिज्यिक उत्पादन हो रहा है।

85 फीसद हिस्‍सा बिहार को, एक फीसद सिक्किम को
मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि इस परियोजना से उत्पादित बिजली का 85 फीसद हिस्सा बिहार को जाता है। दस फीसद हिस्सा उत्तर प्रदेश को, चार फीसद झारखंड और एक फीसद सिक्किम को मिलता है। इस प्रकार से 660 मेगावाट की एक इकाई से बिहार को 560 मेगावाट बिजली मिलती है। पहली यूनिट के वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होते ही बिहार को 560 मेगावाट बिजली मिलनी शुरू हो गई थी जो अब बढ़कर लगभग दोगुनी यानी 1120 मेगावाट हो जाएगी।

लगातार 72 घंटे तक चलाकर की गई जांच
बताया कि परियोजना की दूसरी इकाई से परीक्ष्यमान उत्पादन 31 मार्च को सफलतापूर्वक किया गया। लगातार 72 घंटे तक चलाकर बिजली उत्पादन किया गया। इस दौरान इकाई के मशीनरी संयंत्रों ने बेहतर ढंग से कार्य किया और कहीं से किसी प्रकार की बाधा नहीं आई। अब यह इकाई वाणिज्यिक उत्पादन के लिए तैयार है। इसी महीने से इस यूनिट से वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने जा रहा है। ऐसी स्थिति में कुल उत्पादन 1320 मेगावाट हो जाएगा। उन्होंने बताया कि परियोजना के निर्माण पर 18,000 करोड रुपये की लागत आई है। इसके माध्यम से प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से आठ से 10 हजार कामगारों को रोजगार मिल रहा है।

छह माह के भीतर तीसरी इकाई से बिजली उत्पादन
एनपीजीसी की सुपर थर्मल पावर परियोजना की तीसरी इकाई से अगले छह माह के भीतर बिजली का व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो जाएगा। इकाई के सिंक्रोनाइजेशन का काम 28 मार्च को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अब इस इकाई का शीघ्र ट्रायल किया जाएगा और इसके बाद यह इकाई भी बिजली के व्यवसायिक उत्पादन के लिए पूरी तरह तैयार हो जाएगी। मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि परियोजना की तीसरी इकाई को अगले छह माह के भीतर राष्ट्र को समर्पित कर दिये जाने की योजना है। इस इकाई के चालू हो जाने के बाद बिहार को एनपीजीसी परियोजना से 1680 मेगावाट से अधिक बिजली मिलने लगेगी । इस इकाई के चालू होने के साथ ही इस परियोजना के पहले चरण का निर्माण कार्य भी पूरा हो जाएगा। तीनों इकाइयों के चालू हो जाने के बाद बिहार राज्य में ही आवश्यकता के अनुसार न केवल बिजली का उत्पादन होने लगेगा बल्कि अन्य प्रांतों तथा पड़ोसी देशों को भी यहां से बिजली दी जा सकेगी ।

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