बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (Bihar School Examination Board) के इंटरमीडिएट के रिजल्ट के बाद अब मैट्रिक के रिजल्ट का इंतजार जारी है। बिहार बोर्ड के अधिकारियों की मानें तो होली के बाद अब रिजल्ट कभी भी आ सकता है। पहले इसे मार्च के अंतिम सप्ताह में ही जारी किया जाना था, लेकिन अब पांच अप्रैल तक बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी किया जाएगा।
रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में
बिहार बोर्ड के अनुसार इस साल मैट्रिक की परीक्षा के लिए करीब 16.84 लाख परीक्षार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जिनमें जिनमें करीब 8.46 लाख छात्र और करीब 8.38लाख छात्राएं शामिल हैं। परीक्षा 17 से 24 फरवरी 2021 तक हुई थी। इसकी कॉपियों का मूल्यांकन भी 24 मार्च तक पूरा कर लिया गया था। मूल्यांकन के बाद बोर्ड ने सभी जिलों से प्रैक्टिकल के मार्क्स भी मंगा लिए हैं। अब रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं।
परीक्षा व रिजल्ट के समय में लगातार सुधार
बिहार बोर्ड ने साल 2018 के बाद से मैट्रिक का रिजल्ट अप्रैल-मई में जारी किया है। बीते साल का रिजल्ट 26 मई को घोषित किए गए थे। जबकि, साल 2019 का रिजल्ट 6 अप्रैल को ही जारी कर दिया गया था। इसके पहले साल 2018 में 26 जून, 2017 में 22 जून तथा 2016 में 29 मई को रिजल्ट जारी किए गए थे। बोर्ड ने परीक्षा लेने व रिजल्ट देने के समय में लगातार सुधार किया है। इसी का परिणाम है कि इस साल बोर्ड पांच मार्च तक रिजल्ट देकर नया रिकार्ड बनाने जा रहा है। बताया जाता है कि बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने इस बाबत कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक कई निर्देश दिए हैं।
बीते साल से कुछ गिर सकता है रिजल्ट फीसद
सवाल रिजल्ट के फीसद को लेकर भी है। पिछले साल बिहार बोर्ड की मैट्रिक की परीक्षा में 80.59 फीसद परीक्षार्थी पास हुए थे। कुल 4.03 लाख फर्स्ट डिवीजन, 5.24 लाख सेकेंड डिवीजन और 2.75 लाख थर्ड डिवीजन से उत्तीर्ण रहे थे। इस साल पढ़ाई व परीक्षा पर कोरोनावायरस संक्रमण का साया पड़ने के कारण रिजल्ट का फीसद कुछ घट सकता है। बिहार बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा के रिजल्ट में भी पास फीसद पिछले साल की तुलना में गिरा था।











Be First to Comment