अब राजगीर के सेफ रोपवे पर आप बेखौफ होकर सपरिवार बैठ सैर कर सकते हैं। अब तक एक बार में एक ही व्यक्ति इस रोपवे पर बैठ सकते थे। शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र राजगीर में CM नीतीश कुमार ने 8 सीट वाले रोपवे और नेचर सफारी का उद्घाटन किया। उन्होंने नेचर सफारी में बने ग्लास ब्रिज का भी मुआयना किया। CM 3 महीने बाद इस ब्रिज पर फिर से चढ़े। उन्होंने कहा कि काफी अच्छा ग्लास ब्रिज बना है। आज से इसे पर्यटकों के लिए खोल दिया गया।
नए रोपवे के निर्माण में ₹ 20 करोड़ 18 लाख 57000 खर्च हुए हैं। रोपवे में कुल 20 केबिन लगाए गए हैं, इनमें 18 केबिन पर्यटकों के लिए है। 1 घंटे में रोपवे पर 800 लोगों को सफर कराया जाएगा। इसके लिए प्रति व्यक्ति टिकट की दर ₹100 से लेकर ₹120 किया जा सकता है। 5 पहाड़ियों से घिरे राजगीर में अभी तक जो रोपवे था, उसमें पर्यटकों के लिए बैठना असुरक्षित था। ऐसा इसलिए क्योंकि इसका केबिन आगे से खुला था। पकड़ने के लिए सिर्फ एक हैंडिल होता था। रोपवे जब चलता था तो, जान गले में अटकी रहती थी, क्योंकि हमेशा गिरने का डर बना रहता था। इसमें सिर्फ एक व्यक्ति बैठ सकता था। अब वैसी बात नहीं है। नए रोपवे के केबिन चारों तरफ से बंद और पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसमें 8 व्यक्ति बैठ सकते हैं। गुरुवार से ही सफारी पार्क भी पर्यटकों के लिए खुल गया। सफारी पार्क पर कुल 19 करोड़ 2900000 रुपय खर्च हुए हैं।
200 फीट गहरी खाई के ऊपर ग्लास पर स्काई वॉक कर सकेंगे पर्यटक
पर्यटन स्थल राजगीर में पर्यटकों के लिए एक नया आयाम जुड़ रहा है। यहां 20 करोड़ की लागत से बन रहे जू सफारी में स्काई वॉक ब्रिज बन रहा है जो देश का दूसरा और बिहार का पहला है। पहला स्काई ब्रिज सिक्किम में है। इसे वन विभाग बनवा रहा है। डीएफओ डा. नेशामणि के अनुसार जू सफारी और ब्रिज का काम अंतिम चरण में है। जू सफारी का काम करीब 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है। जू सफारी का काम पूरा होने के बाद ही ग्लास स्काई वॉक टूरिस्ट के लिए खोला जाएगा। उन्होंने बताया कि स्काई वॉक में लगा रहा ग्लास जर्मनी की कंपनी में बना है। एक बार में 20-25 लोग ग्लास स्काई वॉक पर घूम सकेंगे। उन्हें लगेगा मानो वे हरी-भरी वादियों से भरी घाटी के बीच हवा में टंगे हुए हैं। ब्रिज में लगे पारदर्शी ग्लास की मजबूती की पूरी जांच हो गई है।
चीन की तर्ज पर बनाया गया है ब्रिज
इस ग्लास स्काई वॉक ब्रिज को चीन के हांग झोउ प्रांत में बने 120 मीटर ऊंचे ग्लास ब्रिज के तर्ज पर बनाया गया है। ब्रिज से पर्यटक जू सफारी का भी विहंगम दृश्य देख सकेंगे।
85 फीट लंबा है ब्रिज
स्काई वॉक ब्रिज की लंबाई 85 फीट और चौड़ाई 5 फीट है। इसे वैभारगिरी की दो चोटी के बीच गहरी खाई के ऊपर बनाया गया है। यह खाई लगभग 200 फीट गहरी है। डीएफओ ने बताया कि दोनों पर्वत शिखर के बीच की दूरी करीब 400 मीटर है। एडवेंचर को पसंद करने वाले लोगों के लिए यह आकर्षण का मुख्य केन्द्र होगा। करीब 20 करोड़ से नेचर सफारी और जू सफारी बन रहा है। ब्रिज भी उसी का एक पार्ट है।
Source: Bhaskar










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